सोमनाथ (गुजरात): सोमनाथ मंदिर के 75 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित 'सोमनाथ अमृतपर्व-2026' में इस बार भारतीय वायुसेना (IAF) अपना जलवा बिखेरेगी। वायुसेना की मशहूर 'सूर्य किरण एरोबेटिक टीम' (SKAT) पहली बार इस ऐतिहासिक मंदिर के ऊपर एयर शो करने जा रही है। विंग कमांडर जनमीत शर्मा के मुताबिक, यह एयर शो 11 मई को सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होगा। इस खास प्रदर्शन में छह हॉक एमके-132 विमान आसमान में अद्भुत फॉर्मेशन बनाएंगे, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव होगा।
13 जांबाज पायलट और सुखोई एक्सपर्ट का नेतृत्व
इस एयर शो की कमान ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी संभाल रहे हैं, जो खुद एक सुखोई-30 एमकेआई पायलट हैं। उनके साथ डिप्टी लीडर विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह और कुल 13 ट्रेंड पायलटों की टीम इस मिशन पर है। फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने बताया कि ये पायलट 'सदैव सर्वोत्तम' (Always the Best) के मंत्र पर काम करते हैं। शो के दौरान ये हॉक विमान 800 से 900 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से उड़ेंगे। खास बात यह है कि ये विमान न सिर्फ करतब दिखाने में माहिर हैं, बल्कि युद्ध जैसी कठिन परिस्थितियों में भी तैनात किए जा सकते हैं।
हवा में तालमेल और पक्षियों से सुरक्षा के कड़े इंतजाम
एयर शो के दौरान सुरक्षा और तालमेल का पूरा ध्यान रखा गया है। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल जमीन (Ground) से पायलटों के साथ तालमेल बिठाएंगे और उन्हें हवा की दिशा व विमानों के बीच की सुरक्षित दूरी की जानकारी देते रहेंगे। चूंकि मंदिर समुद्र के किनारे है, इसलिए पक्षियों से विमानों को खतरा हो सकता है। इसके लिए 'बर्ड हैजर्ड कंट्रोल यूनिट' को अलर्ट पर रखा गया है ताकि कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके। प्रदर्शन की शुरुआत छह विमानों की एक साथ उड़ान से होगी, जिसके बाद वे अलग-अलग गुटों में बंटकर आसमान में तिरंगा और अन्य कलाकृतियां उकेरेंगे।
दुनिया भर में मशहूर है भारत की 'सूर्य किरण' टीम
1996 में बनी सूर्य किरण टीम को भारतीय वायुसेना का 'ब्रांड एंबेसडर' माना जाता है। ये टीम अपनी सटीकता और अनुशासन के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है। ये पायलट इतने माहिर होते हैं कि उड़ान के दौरान विमानों के बीच की दूरी कभी-कभी 5 मीटर से भी कम होती है। भारत के अलावा यह टीम चीन, श्रीलंका, थाईलैंड और यूएई जैसे देशों में 800 से ज्यादा शो कर चुकी है। सोमनाथ के पावन तट पर होने वाला यह एयर शो भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और सांस्कृतिक गौरव के मिलन का प्रतीक बनेगा।

