आज हनुमान जयंती है और इस खास मौके पर राम जन्मभूमि परिसर के परकोटे के दक्षिण भुजा में बनाए जा रहे हनुमान मंदिर में धर्म ध्वजा का आरोहण किया जाएगा। चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती होने से यह आरोहण और भी खास बन गया है। मंदिर में विराजे भगवान श्री राम के अनन्य भक्त बजरंगबली की विधि विधान से पूजा करने के बाद धर्म ध्वजा लहराई जाएगी।
रामनवमी की मौके पर रामलला का विशेष श्रंगार कर सूर्य तिलक किया गया था। इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ मंदिर में देखने को मिली थी और दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव आया था। अब एक बार फिर मंदिर परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
कैसा है आज का कार्यक्रम
आज 11 बजे रखे गए इस कार्यक्रम में मंदिर आंदोलन के सूत्रधार रह चुके पूर्व सांसद विनय कटियार धर्म ध्वजा का आरोहण करने वाले हैं। मंदिर समिति की ओर से उन्हें मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया है। यह पहली बार है जब वह राम जन्मभूमि परिसर के किसी आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। उनके साथ यहां बजरंग दल के अध्यक्ष रहे और वर्तमान में महाराष्ट्र भाजपा के साथ प्रभारी जयभान सिंह पवैया विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इन लोगों को किया गया आमंत्रित
ट्रस्ट की ओर से इस ध्वजारोहण के लिए रामनगरी के साधु संतों के साथ डेढ़ सौ अन्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। धर्म ध्वजा के आरोहण के बाद हनुमान मंदिर पूरे दिन खुला रहेगा। इस तरह से आने वाले अतिथि, ट्रस्ट और काम कर रही एजेंसियों के कर्मचारियों से लेकर सुरक्षाकर्मियों को दर्शन करने का मौका मिलेगा।
सामान्य दर्शनार्थियों को नहीं है अनुमति
जो सामान्य दर्शनार्थी रामलला के दर्शन के लिए पहुंचने वाले हैं उन्हें हनुमान मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबली की प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा बीते वर्ष की थी। उस समय परकोटे के बाकी 6 पूरक मंदिरों और राम मंदिर के प्रथम तल पर राम परिवार को प्रतिष्ठित किया गया था। ट्रस्ट की ओर से तभी से इन सभी मंदिरों में नियमित पूजन अर्चन की जा रही है लेकिन आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन अभी तक प्रारंभ नहीं हुए। पूजा के पश्चात प्रतिदिन मंदिर को बंद कर दिया जाता है।
मंदिर समिति का क्या कहना
हनुमान मंदिर पर किए जा रहे हैं ध्वजारोहण के चलते मंदिर पूरा दिन खुला रखने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में ट्रस्ट के पदाधिकारी का कहना है कि हनुमान मंदिर में ध्वज लहराने के बाद चार पूरक मंदिरों में ध्वजा फहराना बाकी रहेगा। इनमें माता दुर्गा, शिव और गणेश मंदिर के साथ एक शेषावतार मंदिर भी मौजूद है। माता अन्नपूर्णा और भगवान सूर्य देव के मंदिर पर ध्वज लगाया जा चुका है।

