नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बेहद प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक साझा किया है, जिसमें जीवन के चार मूल स्तंभों—सत्य, विद्या, स्वच्छता और सदाचार—का महत्व बताया गया है।
श्लोक के जरिए जीवन के गहरे संदेश
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए इस सुभाषित श्लोक का सार यह है कि जीवन में धर्म की सच्ची रक्षा केवल सत्य के मार्ग पर चलने से ही संभव है। इसके साथ ही, ज्ञान और विद्या को जीवंत बनाए रखने के लिए निरंतर अभ्यास बेहद जरूरी है। श्लोक के अनुसार, बाहरी रूप-सौंदर्य और शरीर की शुद्धता स्वच्छता तथा सजगता से सुरक्षित रहती है, जबकि किसी भी कुल या परिवार की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान मनुष्य के उत्तम चरित्र और सदाचार पर निर्भर करता है।
विदुर नीति से जुड़ा है प्रसंग
यह मूल्यवान श्लोक महाभारत के प्रसिद्ध उद्योग पर्व के अंतर्गत आने वाले प्रजागर पर्व से लिया गया है। यह प्रसंग महाराजा धृतराष्ट्र और महात्मा विदुर के बीच हुए गहरे संवाद पर आधारित है। संवाद की शुरुआत में राजा धृतराष्ट्र ने मनुष्य की विवशता, कर्म और भाग्य के चक्र पर विचार करते हुए विदुर जी से आत्मज्ञान और मार्गदर्शन प्राप्त किया था। इसके जवाब में महात्मा विदुर ने उन्हें राजधर्म, सदाचार और सज्जन पुरुषों के लक्षणों का बोध कराया था। इस उपदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मोह, लोभ और अहंकार में फंसकर मनुष्य किस प्रकार अपने विनाश की ओर बढ़ता है और एक नीतिवान व्यक्ति को जीवन में कैसा आचरण अपनाना चाहिए।

