पटना: बिहार की राजधानी के बहुचर्चित कोचिंग विवाद मामले में 'खान ग्लोबल स्टडीज' के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें राहत दे दी है। इसके साथ ही, संस्थान के तीन अन्य कर्मचारियों को भी अग्रिम जमानत मिल गई है। वहीं, इस मामले में पहले से जेल में बंद खान सर के दो सुरक्षाकर्मियों (गार्डों) की नियमित जमानत भी कोर्ट ने मंजूर कर ली है।
फायरिंग और मारपीट मामले में मिली राहत
यह पूरा मामला बीते 2 जून की रात मुसल्लापुर इलाके में हुए भारी बवाल, मारपीट और गोलीबारी से जुड़ा है। पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए आरोपियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद यह आदेश जारी किया। इससे पहले, मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
वीडियो सामने आने के बाद दर्ज हुआ था नाम
इस विवाद की शुरुआत में 'ज्ञान बिंदु' कोचिंग संस्थान के निदेशक रोशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो बाद में जमानत पर रिहा हुए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खान सर के दो गार्डों—प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह को गिरफ्तार किया था, जो तब से बेउर जेल में बंद थे। घटना के कुछ दिनों बाद एक वीडियो फुटेज सामने आने के आधार पर पुलिस ने फैजल खान उर्फ खान सर का नाम भी प्राथमिकी (FIR) में शामिल कर लिया था। उन पर अपने गार्डों को फायरिंग के लिए उकसाने का आरोप था, हालांकि कोर्ट ने पूर्व में ही उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी थी।
सुरक्षाकर्मियों के हथियारों पर भी उठे थे सवाल
पुलिसिया तफ्तीश के दौरान दोनों सुरक्षाकर्मियों के हथियारों के लाइसेंस और उनके इस्तेमाल को लेकर भी कई तकनीकी सवाल खड़े किए गए थे। कानूनी दांवपेच के बीच अब खान सर और उनके पूरे स्टाफ को अदालत से बड़ी राहत मिल गई है। इस फैसले के बाद कोचिंग हब कहे जाने वाले मुसल्लापुर और पटना के शैक्षणिक गलियारों में चल रही प्रशासनिक हलचल पर फिलहाल विराम लग गया है।

