अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम और आपातकालीन बैठक होने जा रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, संगठन के भीतर उपजे हालातों को देखते हुए दोनों ही पदाधिकारियों के इस्तीफे मंजूर किए जाने की प्रबल संभावना है।
अंतिम समय में बदला बैठक का स्थान, मंदिर परिसर में होगी चर्चा
अत्यधिक संवेदनशीलता को देखते हुए रविवार की देर रात इस बैठक की रूपरेखा में एक बड़ा फेरबदल किया गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह बैठक दोपहर 3 बजे मणिरामदास छावनी में होनी तय थी, लेकिन अब इसका स्थान बदलकर इसे सीधे राम मंदिर परिसर के भीतर ही आयोजित करने का फैसला लिया गया है। अचानक वेन्यू (स्थान) बदलने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़ी वजहें सामने आ रही हैं; पहला तो परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य और सख्त बनाए रखना, और दूसरा इस संवेदनशील मुद्दे पर मीडिया की अनचाहे दखल व भारी हलचल से दूरी बनाए रखना।
26 जून को सौंपे थे इस्तीफे, पहली बार बदलेगा संचालक
इस महत्वपूर्ण बैठक में शिरकत करने के लिए चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। ज्ञात हो कि दोनों ने बीते 26 जून को अपने-अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया था। अयोध्या कूटनीति के लिहाज से यह बैठक इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि 5 फरवरी 2020 को जब से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन हुआ है, तब से लेकर आज तक की सभी बैठकों का एजेंडा और संचालन चंपत राय ही संभालते आए हैं। यह पहला मौका होगा जब वह बैकफुट पर होंगे। दूसरी तरफ, चढ़ावा चोरी कांड की जांच कर रही विशेष टीमें (SIT) भी हर दिन नए सुराग खंगाल रही हैं, जिसके चलते इस बैठक के फैसलों पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।

