Lucknow coaching center fire लखनऊ : राजधानी के अलीगंज इलाके में स्थित सेक्टर डी में सोमवार दोपहर को एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. स्थानीय निवासियों की सूचना पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य के साथ आग बुझाने की कोशिशों में जुट गईं.
#BREAKING
LucknowA massive fire broke out at a coaching center in Purnia…Rescue operations are underway…
All children have been safely evacuated… A boy jumped from a window into a burning fire. pic.twitter.com/yCrhzPiHDs— NEWS WALA (@NEWSWALApy) June 22, 2026
Lucknow coaching center fire : अंदर लोगों के फंसे होने की आशंका और अनिश्चितता
हादसे के वक्त कोचिंग सेंटर में गतिविधियां चल रही थीं. आसपास के लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ छात्र या स्टाफ सदस्य अभी भी इमारत के अंदर फंसे हो सकते हैं, हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों और अंदर फंसे लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर अभी तक प्रशासन या दमकल विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. आशंका जताई जा रही है कि हादसे में कई जाने गई हैं. प्रशासन की तरफ से अभी हताहतों का संख्या नहीं बताया गया है लेकिन ये बताया जा रहा है कि कई शवों को निकाला गया है. मौके पर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और अन्य अधिकारी मौजूद हैं.
#WATCH | Lucknow coaching institute fire incident | Bodies being taken from the coaching centre where a fire broke out in Lucknow’s Aliganj.
Uttar Pradesh Deputy CM Brajesh Pathak and other officials are present at the fire accident site pic.twitter.com/I2adEPtruJ
— ANI (@ANI) June 22, 2026
मुख्यमंत्री का त्वरित संज्ञान और निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगंज में हुई इस अग्नि-दुर्घटना को बेहद गंभीरता से लिया है. उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने प्रशासन को पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर डटने और राहत कार्यों की खुद निगरानी करने के लिए कहा है.
राहत, बचाव और घायलों के उपचार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट मोड पर आ गई हैं. अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य (रेस्क्यू ऑपरेशन) में तेजी लाएं। साथ ही, धुएं या आग की चपेट में आने वाले किसी भी व्यक्ति को तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने और उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है.

