नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) ने पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा के बाद केंद्र सरकार (Central government) की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया (selection process) में उन राज्यों से लोगों को प्राथमिकता दी गई है जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कार्ति ने कहा कि सरकार ने पद्म पुरस्कार विजेताओं के चयन की प्रक्रिया को आसान बना दिया है, क्योंकि अब बस चुनाव वाले राज्यों से लोगों को चुनना काफी है। उन्होंने इसे प्रस्तावित ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ मॉडल से जोड़ते हुए व्यंग्य किया कि अगर पूरे देश में एक साथ चुनाव होते तो पुरस्कार देने की यह प्रक्रिया बहुत जटिल हो जाती!’
कार्ति चिदंबरम ने एक्स पर लिखा, ‘अगर वन नेशन वन इलेक्शन होता, तो सरकार के लिए पद्म पुरस्कार विजेताओं का चयन करना कितना जटिल हो जाता! अब तो बहुत आसान है, बस चुनाव वाले राज्यों से लोगों को चुन लो।’ केंद्र सरकार ने रविवार को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री श्रेणियों में कुल 131 नागरिक सम्मान घोषित किए। इस सूची में सार्वजनिक जीवन, कला, सिनेमा, साहित्य, खेल और सार्वजनिक कार्यों के कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हैं।
किस राज्य को दिए गए कितने पुरस्कार
पोल-बाउंड राज्यों में केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं जहां जल्द चुनाव होने हैं। इन्हें काफी संख्या में पुरस्कार दिए गए हैं। उदाहरण के लिए, केरल से 8, तमिलनाडु से 13 और पश्चिम बंगाल से 11 पुरस्कार दिए गए। इस साल के 5 पद्म विभूषण में से 3 केरल से हैं। इससे पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक्स पर मलयाली पुरस्कार विजेताओं का जश्न मनाया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने लिखा कि गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई प्रमुख मलयालियों को सम्मानित किया है। उन्होंने विशेष रूप से तीन पद्म विभूषण विजेताओं का उल्लेख किया जो केरल से हैं।

