कांगो की मदद को आगे आया भारत, इबोला संकट के बीच भेजी मेडिकल सहायता

नई दिल्ली / किंशासा: भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर 'दुनिया की फार्मेसी' होने के अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा से निभाते हुए मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश की है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इन दिनों तेजी से फैल रहे बुंडिबुग्यो इबोला वायरस के प्रकोप को देखते हुए भारत सरकार की ओर से भेजी गई आपातकालीन दवाओं और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की एक बहुत बड़ी खेप आखिरकार अफ्रीका पहुंच गई है। अफ्रीका महाद्वीप पर स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली शीर्ष संस्था 'अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (अफ्रीका सीडीसी) ने आधिकारिक तौर पर भारत की इस जीवन रक्षक मानवीय सहायता का खुले दिल से स्वागत किया है और संकट की इस घड़ी में त्वरित मदद के लिए भारत के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है।

युगांडा में सौंपी गई चिकित्सा सामग्री की बड़ी खेप

इस बड़ी चिकित्सा खेप को अफ्रीका सीडीसी के पूर्वी अफ्रीका क्षेत्रीय सहयोग केंद्र ने युगांडा में भारतीय राजनयिकों की गरिमामयी उपस्थिति में प्राप्त किया। इस आधिकारिक आपूर्ति को सौंपने के दौरान दोनों पक्षों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस गंभीर वैश्विक संकट के समय भारत और अफ्रीका के बीच ऐतिहासिक और मजबूत रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। भारत द्वारा भेजी गई इस आपातकालीन मदद का मुख्य उद्देश्य पूर्वी डीआरसी के सबसे ज्यादा प्रभावित और दूरदराज के संवेदनशील इलाकों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे (हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर) को तुरंत मजबूत करना है, ताकि इस जानलेवा महामारी को आगे बढ़ने से समय रहते रोका जा सके।

टेस्टिंग किट से लेकर पीपीई किट तक सब शामिल

इस महत्वपूर्ण मेडिकल कंसाइनमेंट में कई तरह की जीवन रक्षक सामग्रियां शामिल हैं, जो इबोला से निपटने में अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों के काम आएंगी। इसमें वायरस की तुरंत और सटीक पहचान करने के लिए 'एसेंशियल डायग्नोस्टिक्स' के तहत अत्याधुनिक टेस्टिंग किट्स भेजी गई हैं, ताकि संक्रमित मरीजों को समय रहते आइसोलेट करके उनका इलाज शुरू किया जा सके। इसके साथ ही इबोला पीड़ितों के उपचार और उनकी शारीरिक स्थिति को स्थिर बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी दवाएं भी इस खेप का हिस्सा हैं। वहीं डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण के तहत भारी मात्रा में पीपीई किट्स, मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजेशन सामग्री भेजी गई है, जबकि गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए 'केस मैनेजमेंट सपोर्ट' से जुड़े विशेष उपकरण प्रदान किए गए हैं।

अफ्रीका सीडीसी ने जताया भारत सरकार का आभार

अफ्रीका सीडीसी ने सोशल मीडिया पर इस पूरे सहयोग की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि भारत की यह उदार सहायता पूर्वी डीआरसी में जारी 'इबोला रिस्पांस' को एक नई और अभूतपूर्व ताकत देगी। बुंडिबुग्यो इबोला वायरस एक अत्यधिक संक्रामक और खतरनाक बीमारी है, जिसके प्रसार को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बेहद आवश्यकता थी और भारत ने बिल्कुल सही समय पर कदम उठाकर दवाओं की कमी को दूर कर दिया है। अफ्रीका सीडीसी ने अपने आधिकारिक बयान में महाद्वीप पर मानव जीवन की रक्षा करने और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत सरकार के निरंतर समर्थन और अटूट प्रतिबद्धता के लिए विशेष रूप से धन्यवाद दिया है।

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