नई दिल्ली: भारत की मेजबानी में देश की राजधानी नई दिल्ली में क्वाड (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि चारों देशों के बीच बहुत ही सार्थक और उपयोगी बातचीत हुई है, जिसमें मुख्य रूप से दुनिया के मौजूदा हालातों पर चर्चा की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत और दादागिरी को लेकर पूरी दुनिया में चिंताएं बढ़ रही हैं। बैठक में समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने जैसे गंभीर मुद्दों पर भी गहराई से बात हुई।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और विकास हमारी प्राथमिकता: जयशंकर
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक के मुख्य बिंदुओं की जानकारी देते हुए कहा कि हमारा पूरा ध्यान हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े खास मुद्दों पर रहा, जो क्वाड की मुख्य सीमा है। उन्होंने कहा कि हम चार ऐसे लोकतांत्रिक देश हैं जो इस समुद्री क्षेत्र के अलग-अलग कोनों पर स्थित हैं, इसलिए आपस में विचारों को साझा करना बेहद जरूरी था। पिछले कुछ समय में हमारे बीच समुद्री सुरक्षा, अंडर-सी केबल (समुद्र के नीचे बिछने वाले तार), लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है और आने वाले समय में हम इसे और ज्यादा मजबूत करेंगे।
वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करना जरूरी
जयशंकर ने दुनिया के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज हमें सप्लाई चेन (सामान की आपूर्ति) को मजबूत बनाने, व्यापारिक रास्तों में आने वाली रुकावटों को दूर करने और जरूरी बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की कमी जैसी समस्याओं से निपटना होगा। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए चारों देशों की यह साझेदारी और ज्यादा मजबूत होती है। इसके लिए आपसी रणनीतिक भरोसे को बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा तय करना और पारदर्शी आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है ताकि यह क्षेत्र दुनिया के विकास और स्थिरता का मुख्य जरिया बना रहे।
ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका ने भी जताया मजबूत भरोसा
बैठक में शामिल ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने क्वाड संगठन को और अधिक मजबूत और असरदार बनाने की अपील की। उन्होंने साफ किया कि ऑस्ट्रेलिया एक ऐसा हिंद-प्रशांत क्षेत्र चाहता है जो पूरी तरह शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हो, इसके लिए क्वाड की रफ्तार को बनाए रखना जरूरी है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री ने हालिया वैश्विक घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा दौर में क्वाड की प्रासंगिकता और ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने भरोसा जताया कि क्वाड देश मिलकर ऊर्जा सुरक्षा (एनर्जी सिक्योरिटी), समुद्री जहाजों की आवाजाही की आजादी (नेविगेशन की स्वतंत्रता) और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता जैसी दुनिया की सबसे गंभीर समस्याओं का स्थाई समाधान निकाल सकते हैं।

