Tuesday, January 13, 2026

वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स का प्रमाण-पत्र बार काउंसिल ऑफ गुजरात को प्रदान करते गृह मंत्री अमित शाह

– एक साथ 11,600 नए अधिवक्ताओं द्वारा शपथ लेने का विश्व कीर्तिमान 

अहमदाबाद: न्याय के प्रति समर्पण और कर्त्तव्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा के साथ गुजरात बार काउंसिल ने 9 मार्च 2025 को एक नया इतिहास रच दिया। गांधीनगर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 11 हजार से अधिक युवा अधिवक्ताओं ने एक साथ शपथ लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने इसे गुजरात की न्याय व्यवस्था के लिए स्वर्णिम दिन बताया। भारत सरकार के गृह मंत्री श्री अमित शाह ने वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स का प्रमाण-पत्र बार काउंसिल ऑफ गुजरात के अध्यक्ष श्री जे. जे. पटेल को प्रदान किया। यह प्रमाण-पत्र 11,600 नए अधिवक्ताओं द्वारा एक साथ शपथ लेने के विश्व कीर्तिमान के लिए दिया गया, जो भारत के न्यायिक इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।  

इस भव्य समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल, कानून मंत्री श्री ऋषिकेश पटेल, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और सांसद श्री मनन मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अश्विन त्रिवेदी, सॉलिसिटर जनरल श्री तुषार मेहता और एडवोकेट जनरल श्री कमल त्रिवेदी सहित कई प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने इस असाधारण उपलब्धि की सराहना की और नए वकीलों को शुभकामनाएं दीं।  

इस अवसर पर वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री संतोष शुक्ला ने इस उपलब्धि को भारतीय न्यायिक प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं का एक साथ शपथ लेना न केवल गुजरात बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात है।  इस ऐतिहासिक घटना ने भारत की न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ा है। यह उपलब्धि नए अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणादायक साबित होगी और उन्हें अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

गृहमंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा, आज का दिन केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश के न्यायिक परिदृश्य के लिए ऐतिहासिक है। ये युवा अधिवक्ता लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करेंगे तथा नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करेंगे। उन्होंने मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों की चर्चा करते हुए कहा कि ये अधिवक्ता आधुनिक न्याय व्यवस्था के प्रहरी बनेंगे।

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