CJP फंडिंग पर मैरी मिलबेन और अभिजीत दीपके आमने-सामने:मिलबेन बोलीं- फेल हुए तो अमेरिकी डोनर्स छोड़ देंगे, बेहतर है पीएम के साथ बैठो, भारत को आगे बढ़ाओ

नई दिल्ली। अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी जुबानी जंग देखने को मिली है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब गायिका ने दावा किया कि सीजेपी को भारत में प्रदर्शन करने के लिए अमेरिकी फंडिंग मिल रही है। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में बहस छिड़ गई है।

विदेशी फंडिंग और एक्स पर तीखी बहस

गायिका मैरी मिलबेन ने भारतीय युवाओं से इन ताकतों के खिलाफ एकजुट होने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की थी। उन्होंने अभिजीत दीपके को सलाह दी थी कि वे प्रधानमंत्री के साथ बैठकर चर्चा करें और देश को आगे बढ़ाने में सकारात्मक भूमिका निभाएं। इस पर तीखा जवाब देते हुए दीपके ने सवाल उठाया कि पीएम मोदी अपने ही देशवासियों को बदनाम करने के लिए अमेरिकियों का समर्थन क्यों ले रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी विदेशी नागरिक को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है और देश अपने मुद्दों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।

विरोध प्रदर्शन और मैरी मिलबेन के पुराने समर्थन

देशभर में विपक्ष और सीजेपी पिछले 15 दिनों से स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस विवाद के केंद्र में रहीं मैरी मिलबेन इससे पहले भी कई मौकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खुलकर समर्थन कर चुकी हैं। उन्होंने फरवरी 2021 में किसान आंदोलन, अगस्त 2023 में मणिपुर हिंसा, बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री विवाद और मार्च 2024 में सीएए लागू होने के दौरान मोदी सरकार के फैसलों की सराहना की थी। प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात जून 2023 में अमेरिका यात्रा के दौरान हुई थी।

फंडिंग के आरोपों पर सीजेपी प्रमुख की सफाई

भारत में भी सीजेपी और अभिजीत दीपके की फंडिंग को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी पर विदेशी मदद से देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया है, जबकि आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने भी दीपके की पढ़ाई और कानूनी सहायता फंड की जांच की मांग की है। इन तमाम आरोपों को खारिज करते हुए अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि संगठन के आंदोलनों का खर्च वह और उनके दोस्त मिलकर उठाते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बाहरी डोनर से आर्थिक मदद नहीं मिली है और वे भविष्य में क्राउडफंडिंग के जरिए पैसे जुटाने की योजना बना रहे हैं।

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