चंडीगढ़ में दिनदहाड़े मुठभेड़! आरोपी की गोली से बाल-बाल बचे ASI

चंडीगढ़। चंडीगढ़ के बहुचर्चित नैतिक हत्याकांड मामले में शनिवार सुबह ऑपरेशन सेल की टीम और आरोपियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हो गई। पुलिस टीम मुख्य आरोपी सगे भाइयों—अर्शमेहर और मनमेहर को हथियार बरामद कराने के लिए सेक्टर 50 लेकर गई थी, जो खरड़ के रहने वाले हैं।

हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग

जांच के दौरान आरोपी मनमेहर ने मौके पर पड़ी एक लोडेड पिस्टल उठाकर अचानक पुलिस पार्टी पर फायर झोंक दिया। गोली सीधे एएसआई प्रदीप की तरफ निशाना साधकर चलाई गई थी, लेकिन उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी जिससे उनकी जान बच गई। ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों के अनुसार, स्थिति को संभालते हुए पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलाईं, जिससे मनमेहर की टांग में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे तुरंत इलाज के वास्ते सेक्टर-16 के अस्पताल ले जाया गया, जबकि दूसरा भाई अर्शमेहर मौके पर ही पुलिस हिरासत में मौजूद रहा।

इंस्टाग्राम वीडियो और पुरानी रंजिश बना हत्या की वजह

चंडीगढ़ के सेक्टर 22 में हुई 17 वर्षीय छात्र नैतिक की हत्या की जांच में लॉरेंस और बंबीहा गैंग के बीच का एंगल सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, नैतिक और एक आरोपी नाबालिग के बीच पिछले दो साल से आपसी विवाद चल रहा था। बीते दिनों नैतिक और उसके साथियों ने उस नाबालिग के साथ मारपीट कर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इस बात से नाराज होकर नाबालिग ने बंबीहा गैंग के गुर्गों से संपर्क साधा, जिसके बाद सेक्टर-22 में ऑटो का पीछा कर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इस जानलेवा हमले में नैतिक की छाती में गोली लगने से मौत हो गई थी जबकि ऑटो चालक सिकंदर घायल हो गया था। पुलिस इस सनसनीखेज मामले में शामिल सभी गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों की भूमिका की गहराई से छानबीन कर रही है।

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