Tuesday, January 13, 2026

अहमदाबाद विमान हादसे की रिपोर्ट विवादों में, अब सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर 12 जून को एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआई171 के दुर्घटनाग्रस्त होने की अदालत की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराये जाने का अनुरोध किया गया है. कैप्टन अमित सिंह (एफआरएईएस) के नेतृत्व वाले विमानन सुरक्षा एनजीओ ‘कॉन्स्टिट्यूशन बाय सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन’’ की ओर से यह याचिका दायर की गई है.

याचिका में ये आरोप लगाया गया है कि आधिकारिक जांच नागरिकों के जीवन, समानता और असल जानकारी तक पहुंच के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है. विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने 12 जुलाई को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें दोनों इंजनों के ईंधन नियंत्रण स्विच एक सेकंड के अंतराल में ‘रन’ से ‘कटऑफ’ स्थिति में चले गए थे, जिसके कारण विमान की ऊंचाई में तत्काल कमी आ गई.

रिपोर्ट में छिपाई गई महत्वपूर्ण जानकारी
इसमें आरोप लगाया गया है कि रिपोर्ट में महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाया गया है, जिसमें पूर्ण ‘डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर’ (डीएफडीआर) आउटपुट, ‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) ट्रांसक्रिप्ट’ और ‘इलेक्ट्रॉनिक एयरक्राफ्ट फॉल्ट रिकॉर्डिंग’ (ईएएफआर) डेटा शामिल हैं.

जनहित याचिका में प्रणालीगत विसंगतियों को कम करके आंकने और दुर्घटना के लिए समय से पहले पायलट की गलती को जिम्मेदार ठहराने के लिए रिपोर्ट की आलोचना की गई है. लंदन जाने वाले बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान ने 12 जून को अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद ही गति खोनी शुरू कर दी थी और वह एक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

विमान हादसे में 242 लोगों में विश्वाशकुमार रमेश बचे
इस दुर्घटना में विमान में सवार 242 लोगों में से एक को छोड़कर बाकी सभी की मौत हो गई थी. हादसे में मारे गये 241 लोगों में से 169 भारतीय, 52 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली नागरिक, एक कनाडाई और 12 चालक दल के सदस्य शामिल थे. दुर्घटना में चमत्कारिक रूप से जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति विश्वाशकुमार रमेश थे, जो एक ब्रिटिश नागरिक हैं.

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