इंदौर। मानसून के सक्रिय होते ही इंदौर के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। गुरुवार की सुबह से ही शहर के आसमान में घने बादलों ने डेरा जमा लिया, जिसके बाद से ही शहर के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी का क्रम जारी है। रिमझिम फुहारों और छाए काले बादलों ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया है। मानसूनी गतिविधियों के कारण तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे नागरिकों को बीते कुछ दिनों से सता रही तीखी गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है।
मानसून की सक्रियता और झमाझम बारिश का पूर्वानुमान
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह तक जोरदार बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है। चालू सीजन में अब तक शहर में लगभग 13 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। राहत की बात यह है कि वर्षा का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम को प्रभावित करने वाला सिस्टम आगामी 15 जुलाई तक पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जिसके कारण आने वाले दिनों में तेज बारिश के कई दौर देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अरब सागर में बना मजबूत मानसूनी सिस्टम लगातार नमी लेकर आ रहा है। जैसे ही यह तंत्र आगे बढ़ेगा, इंदौर और मालवांचल के अन्य हिस्सों में बारिश की तीव्रता और अधिक बढ़ जाएगी।
जलाशयों में पानी की आवक और जलस्तर में वृद्धि
लगातार हो रही बारिश का सकारात्मक असर शहर के प्रमुख जलाशयों पर भी पड़ा है। पश्चिमी इंदौर की जलापूर्ति का मुख्य स्रोत यशवंत सागर के जलस्तर में तेजी से इजाफा हुआ है और यह अब 13 फीट के स्तर तक पहुंच गया है। गंभीर नदी के बैक वाटर और जलग्रहण क्षेत्रों जैसे महू, मानपुर और चोरल की पहाड़ियों में हो रही अच्छी वर्षा के चलते इस तालाब में पानी की आवक निरंतर बनी हुई है। इसके अलावा मांगलिया और डकाच्या जैसे ग्रामीण अंचलों में भी मूसलधार बारिश के चलते नदी-नालों का बहाव काफी तेज हो गया है, जिससे क्षेत्र के जल संसाधनों में सुधार की स्थिति बनी है।
प्रदेश भर में मानसून का व्यापक असर
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, इस समय बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों ही समुद्री छोरों से मानसूनी हवाएं नमी लेकर मध्य प्रदेश के ऊपर पहुंच रही हैं। इस दोहरी नमी के चलते पूरे प्रदेश में मानसून की सक्रियता चरम पर है। इस व्यापक मौसमी बदलाव के कारण इंदौर शहर और इसके सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में बारिश का दौर बिना किसी रुकावट के जारी रहने की पूरी संभावना है। प्रशासन ने भी स्थिति को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, ताकि भारी बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

