उज्जैन। तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास की आड़ में प्रतिबंधित वन्यजीवों के अंगों का अवैध कारोबार करने वाले एक बड़े नेटवर्क का वन विभाग ने भंडाफोड़ किया है। विभाग की टीम ने हरसिद्धि मंदिर के सामने दुकान चलाने वाले यश शर्मा नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो पूजा-पाठ के नाम पर 'हठ जोड़ी' बेच रहा था। वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत हठ जोड़ी बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित और एक गंभीर अपराध है।
आरोपी की दुकान से सात हठ जोड़ी बरामद
हरसिद्धि की पाल के रहने वाले 35 वर्षीय आरोपी यश शर्मा की दुकान पर जब वन विभाग ने छापा मारा, तो वहाँ से सात हठ जोड़ी बरामद की गईं। वन मंडल अधिकारी (DFO) अनुराग तिवारी ने बताया कि गिरफ्तारी के साथ ही आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है। इस मोबाइल की शुरुआती जांच में वन्यजीवों से जुड़े कई प्रतिबंधित सामानों की तस्वीरें, व्हाट्सएप चैट और पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं। इन सबूतों से यह साफ हो गया है कि आरोपी काफी लंबे समय से वन्यजीवों की तस्करी के इस अवैध नेटवर्क का हिस्सा था।
डॉक्टरी की पढ़ाई के साथ चल रहा था अवैध धंधा
शुरुआती पूछताछ और जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी युवक डॉक्टरी (मेडिकल) की पढ़ाई कर रहा था और इसके साथ-साथ वह इस अवैध धंधे को भी अंजाम दे रहा था। वन विभाग अब उसके मोबाइल रिकॉर्ड और चैट के जरिए इस धंधे से जुड़े सप्लायरों (सामान भेजने वालों) और खरीदारों की पूरी चेन का पता लगाने में जुटा है। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
अंधविश्वास के झांसे में न आने की अपील
डीएफओ अनुराग तिवारी ने आम जनता से अपील की है कि वे तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर बेचे जाने वाले ऐसे सामानों के झांसे में बिल्कुल न आएं। वन्यजीवों के अंगों को खरीदना या बेचना कानूनन जुर्म है और इसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर कहीं भी ऐसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें।





