MP के 3 शहर देश के टॉप-5 में, इंदौर दूसरे नंबर पर; भोपाल के वार्ड-60 को भी सम्मान

इंदौर: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा 7 सितंबर को 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' के अवसर पर 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026' के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में मध्य प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों ने देश के शीर्ष पांच स्वच्छ वायु वाले शहरों में अपनी जगह बनाई है। 10 लाख से अधिक जनसंख्या श्रेणी में उत्तर प्रदेश का लखनऊ 198 अंकों के साथ देश में प्रथम स्थान पर रहा, जबकि इंदौर 197 अंकों के साथ द्वितीय, जबलपुर 195 अंकों के साथ तृतीय और राजधानी भोपाल 192 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे।

विभिन्न जनसंख्या श्रेणियों में मध्य प्रदेश के शहरों का प्रदर्शन

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत जारी इस रैंकिंग में राज्य के अन्य शहरों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 10 लाख से अधिक आबादी वर्ग में ग्वालियर 39वें स्थान पर रहा। वहीं 3 से 10 लाख की जनसंख्या श्रेणी में उज्जैन ने 16वां और सागर ने 21वां स्थान हासिल किया। 3 लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देवास ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश में 7वां स्थान प्राप्त किया।

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में मिला सम्मान

नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और केंद्रीय पर्यावरण सचिव तन्मय कुमार द्वारा विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इंदौर नगर निगम की ओर से महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ला ने सम्मान ग्रहण किया। इसी प्रकार जबलपुर नगर निगम की ओर से महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' और निगमायुक्त राम प्रसाद अहिरवार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पुरस्कार प्राप्त किया।

भोपाल के वार्ड क्रमांक-60 को वार्ड स्तरीय वायु गुणवत्ता में मिला विशेष पुरस्कार

इस वर्ष के सर्वेक्षण में स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वार्ड में सघन पौधारोपण, हरित पहलों और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए अपर आयुक्त अमन मिश्रा और एमआईसी सदस्य आर.के. सिंह बघेल ने यह राष्ट्रीय सम्मान स्वीकार किया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा संचालित यह सर्वेक्षण देश के 130 प्रमुख शहरों में निर्धारित कड़े पर्यावरणीय मापदंडों के आधार पर किया जाता है।

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