हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की यात्रा के दौरान वंदे भारत एक्सप्रेस पर कथित पत्थरबाजी की घटना सामने आई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह घटना कौधा गांव के पास दोपहर करीब 3:20 बजे हुई, जिसमें ट्रेन के सी4 कोच की एक खिड़की का शीशा टूट गया। भागवत पूरी तरह सुरक्षित रहे और उनके साथ यात्रा कर रहे अन्य लोग भी घायल नहीं हुए। वे लखनऊ-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस से मेरठ लौट रहे थे। इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने जांच शुरू कर दी है। मेरठ में विशेष जांच दल पहुंचने की उम्मीद है, जो पत्थरबाजी की परिस्थितियों और आरोपियों की पहचान करेगी। भागवत को भारी सुरक्षा के बीच रात 9 बजे मेरठ रेलवे स्टेशन पर उतारा गया और वे शताब्दी नगर स्थित माधव कुंज पहुंच गए। उन्होंने 20 और 21 फरवरी को आयोजित दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम में भाग लेना है, जिसमें खिलाड़ी और बुद्धिजीवी शामिल होने वाले है। इसके पहले, 9 फरवरी को महाराष्ट्र में कोंकण रेलवे लाइन पर वंदे भारत ट्रेन का एक और हादसा हुआ था। मुंबई से गोवा जा रही ट्रेन मवेशियों से टकरा गई, जिससे ट्रेन के ओवरहेड बिजली उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए और रेल सेवाएं कई घंटों तक बाधित रहीं। दोनों घटनाओं ने वंदे भारत एक्सप्रेस की सुरक्षा और संचालन पर चिंता बढ़ा दी है। रेलवे प्रशासन ने इन घटनाओं के मद्देनजर सुरक्षा और निगरानी को बढ़ाने का निर्णय लिया है। हरदोई की घटना में किसी के हताहत न होने और भागवत की सुरक्षा बनाए रखने के बावजूद, पत्थरबाजी ने यात्रियों और अधिकारियों में डर और चिंता पैदा कर दी है। अब मामले की गहन छानबीन की जा रही है ताकि जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा सके।

