Friday, March 13, 2026

धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में प्रिंसिपल को हाई कोर्ट से राहत नहीं, केस चलेगा

जबलपुर: खजुराहो के मिशनरी स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर भाग्या के खिलाफ धर्म परिवर्तन करवाने के मामले का ट्रायल चलेगा. सिस्टर भाग्या पर स्कूल की एक शिक्षिका ने आरोप लगाया था कि वह उनका जबरन धर्म परिवर्तन करवाना चाहती हैं. इस पर हाई कोर्ट ने सिस्टर भाग्या के खिलाफ मामला चलाने की अनुमति दे दी. मध्य प्रदेश के फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट 2021 में उल्लेखित धाराओं के आधार पर केस चलेगा.

शिक्षिका ने पुलिस में कराई एफआईआर
खजुराहो एक मिशनरी स्कूल की टीचर ने पुलिस थाने में एफआईआर करवाई थी. उन्होंने आरोप लगाया था "उनके स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर भाग्या धर्म परिवर्तन का दबाव बना रही हैं. जब उन्होंने यह बात नहीं मानी तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया." थाने में एफआईआर के बाद सिस्टर भाग्या ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. सिस्टर भाग्य की ओर से कहा गया था "शिक्षिका का कामकाज ठीक नहीं था. इसलिए उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था. निजी रंजिश के चलते उन्होंने मेरे खिलाफ झूठी रिपोर्ट की है. इसलिए एफआईआर रद्द की जाए."

प्रिंसिपल के खिलाफ पर्याप्त सबूत
राज्य सरकार के अधिवक्ता पापिया घोष ने अदालत को बताया "सिस्टर भाग्या गलत बयानी कर रही हैं. शिक्षिका ने मजिस्ट्रेट के सामने 164 सीआरपीसी में अपने बयान दर्ज करवाए थे. उन्होंने अपने बयानों में उन सबूतों का भी जिक्र किया है जो सिस्टर भाग्य के खिलाफ सही साबित कर रहे हैं. इसलिए यह एफआईआर खारिज नहीं की जा सकती." मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस विनय सराफ ने अपने आदेश में कहा "सिस्टर भाग्या के खिलाफ लगे आरोपों का शिक्षिका के पास पर्याप्त आधार हैं."

आरोपी को बेगुनाही साबित करनी होगी
हाईकोर्ट ने कहा "ऐसा प्रतीत होता है कि उनका धर्म परिवर्तन करवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. इसलिए एफआईआर को खारिज नहीं किया जाएगा. यदि याचिकाकर्ता निर्दोष है तो वे ट्रायल कोर्ट के सामने अपने तर्कों, सबूतों के आधार पर बेगुनाही साबित करें." हाई कोर्ट ने अपने ऑर्डर में लिखा है "मध्य प्रदेश में फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट 2021 लागू है और जांच के दौरान जो तथ्य मिले हैं, उनसे लगता है कि शिक्षिका के धर्म को परिवर्तित करने की कोशिश की जा रही थी."
 

Latest news

Related news