देश के लोकतंत्र को सुरक्षित और सशक्त बनाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नेपुलिस स्मृति दिवस पर देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिस कर्मियों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लाल परेड स्थित शहीद स्मारक प्रांगण में आयोजित राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि कार्यक्रम में स्मारक को सलामी दी तथा पुष्प-चक्र अर्पित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल आगमन पर परेड द्वारा जनरल सैल्यूट से उनका अभिवादन किया गया तथा बैंड द्वारा सलामी धुन का वादन किया गया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पाल-बेयरर पार्टी द्वारा सम्मान सूचिका प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में बेयरर पार्टी द्वारा सम्मान सूची का स्मारक कोष में संस्थापन किया गया, स्मारक को सलामी दी गई तथा बिगुलर द्वारा लास्ट पोस्ट धुन बजाई गई। समस्त उपस्थित महानुभाव ने खड़े हो कर सम्मान प्रकट किया। इसके बाद परेड द्वारा स्मारक को सलामी दी गई। इस अवसर पर भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, मुख्‍य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा सेवानिवृत्त अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्र की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के लिए पुलिस बल का समर्पण सभी के लिए प्रेरणास्रोत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि पुलिस और सशस्त्र बलों का हमेशा विशेष महत्व रहा है। हमारी सनातन संस्कृति में शस्त्र धारण करने का अर्थ केवल शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लेना है। इस दृष्टि से पुलिस स्मृति दिवस का यह अवसर और भी अधिक सार्थक हो जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र की सुरक्षा, शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में हमारे पुलिस बल और सशस्त्र बलों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। लाल चौक से लेकर लाल किले की प्राचीर तक लहराता तिरंगा आज पूरे देश और दुनिया के सामने भारत के स्वाभिमान, सामर्थ्य और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। यह ध्वज हमारे वीर जवानों, उनके अदम्य साहस और अमर बलिदान की गाथा को भी अभिव्यक्त करता है। आज जब पूरी दुनिया उथल-पुथल और अनेक चुनौतियों के दौर से गुजर रही है, तब भी भारत का लोकतंत्र सुरक्षित और सशक्त है। इसमें हमारे सशस्त्र बलों और पुलिस बल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्र की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के लिए उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमर शहीदों को नमन कर देश की सुरक्षा में दिन-रात जुटे सभी पुलिसकर्मियों एवं सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

प्रदेश 35 वर्ष पुराने नक्सलवाद के दंश से बाहर निकला

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश 35 वर्ष पुराने नक्सलवाद के दंश से बाहर निकला है। हमारे बहादुर जवानों ने मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर नक्सलवाद की चुनौती का समूल नाश किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश में सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।

राज्य सरकार पुलिस जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सक्रिय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस जवानों और उनके परिवार के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जवानों की शहादत के बाद दी जाने वाली 1 करोड़ रुपये राशि में से 50 प्रतिशत पत्नी और 50 प्रतिशत बुजुर्ग माता-पिता को देने का निर्णय किया गया। पुलिस विभाग में नई भर्ती, पदोन्नति और सभी प्रकार की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अपने परिश्रम और समर्पण से राज्य की साख बढ़ाई है। केंद्र सरकार ने नए आपराधिक कानूनों को लागू किया है। प्रदेश में इनके अनुसार व्यवस्थाएं तैयार कर ली गई हैं। राज्य में साइबर अपराध जैसी कई चुनौतियों जैसे विषय हैं, हम सभी मिलकर इन्हें खत्म करेंगे। युवाओं को मौका देने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस बैंड सहित अन्य पदों पर नई भर्तियां की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों का स्मरण करते हुए बाबा महाकाल से सभी को अधिक सामर्थ्य और क्षमता प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आयोजित इस गरिमामय और व्यवस्थित कार्यक्रम की सराहना भी की।

शहीदों के परिवारों का ध्यान रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है : पुलिस महानिदेशक मकवाना

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज हम कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान करने वाले वीर पुलिसकर्मियों का स्मरण कर रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस का गौरवशाली इतिहास रहा है। कश्मीर से तमिलनाडु और गोवा से नागालैंड तक मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने सेवाएं दी हैं। इस वर्ष मध्यप्रदेश पुलिस के 9 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। इस वर्ष पुलिस स्मृति दिवस पर सूची में संपूर्ण राष्ट्र के 154 अधिकारी-कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। हमारी संवेदनाएं सभी शहीदों के परिजनों के साथ हैं। ये परिवार, वृहद पुलिस परिवार का हिस्सा हैं और इनका ध्यान रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

वर्ष 2025 में 110 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को दिए गए आउट ऑफ टर्न प्रमोशन

पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नक्सलवाद सबसे बड़ी समस्या रही है। मध्यप्रदेश पुलिस के 38 जवान और 58 नागरिकों ने नक्सलवादी हमलों में अपने प्राण गंवाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने विस्तृत कार्य योजना तैयार कर नक्लसवाद को जड़ से समाप्त किया। वर्ष 2025 हमारे लिए नक्सल अभियानों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। कुशल अधिकारियों के नेतृत्व में मानसून में भी नक्सल विरोधी अभियान जारी रहे, एक वर्ष में सर्वाधिक मुठभेड़, आत्म समर्पण हुए। वर्ष 2025 में ही सबसे अधिक 110 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिए गए।

सरदार पटेल की जयंती पर केवड़िया (गुजरात) की विशेष परेड शामिल होगा मप्र पुलिस का दल

पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि हॉक फोर्स के स्वर्गीय निरीक्षक आशीष शर्मा ने अपने बलिदान से एक मिसाल कायम की है। उन्होंने बताया कि आगामी 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर केवड़िया (गुजरात) में विशेष परेड आयोजित की जा रही है, जिसकी थीम नक्सल मुक्त भारत रखी गई है। मध्यप्रदेश हॉक फोर्स की टुकड़ी और बैंड भी परेड में सहभागिता कर रहा है।

साइबर अपराध, नारकोटिक्स, डिजिटल-सोशल मीडिया जैसी नई चुनौतियां हैं पुलिस के सामने

पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि हमारे सामने साइबर अपराध, नारकोटिक्स, डिजिटल-सोशल मीडिया जैसी नई चुनौतियां सामने आई हैं। मध्यप्रदेश पुलिस नई तकनीक और प्रशिक्षण के बल पर पूरी तरह से तैयार है। नशे से दूरी है जरूरी और सेफ क्लिक जैसे जनजागरुकता अभियान चलाए गए हैं। राज्य सरकार ने अब तक 18 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की है। सिंहस्थ-2028 के लिए सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी तैयारियां जोरशोर से जारी हैं। सुरक्षा में तकनीक पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों के बीच शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जिला पुलिस बल एवं विशेष सशस्त्र बल की महिला और पुरुष प्लॉटून, होमगार्ड प्लाटून, पाल-बेयरर पार्टी, कलर पार्टी, पुलिस बैंड, अश्वारोही दल एवं श्वान दल की टुकड़ियों ने भाग लिया। पुलिस बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों के बीच शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में सम्पूर्ण भारत में सितम्बर 2025 से अगस्त 2026 तक कर्तव्य की वेदी पर वीरगति को प्राप्त हुए पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की नामावली का वाचन किया गया। स्मारक पर अतिथियों व पुलिस अधिकारियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरगति को प्राप्त पुलिसकर्मियों के परिजन, परेड कमाण्डर एवं पाल-बेयरर पार्टी से भेंट भी की।

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