भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रमिकों की सेवा, कल्याण और खुशी हमारे लिए सबसे पहले है। हमारे श्रमिक अपने खून-पसीने से विकसित मध्यप्रदेश की नींव तैयार कर एक-एक ईंट जोड़ रहे हैं। हर परिस्थिति में श्रमिकों की कठिनाई को दूर करना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों पर विपत्ति आने, घर चलाने वाले के असामयिक निधन, अचानक आर्थिक संकट आने पर लोग साथ छोड़ दें, परंतु हमारी सरकार कभी आपका साथ नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री संबल योजना 2.0 मुश्किल समय में श्रमिकों को आर्थिक सहारा भी देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से प्रदेश के श्रमिक बंधुओं को वीडियो कान्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षाबंधन से पहले श्रावण के अंतिम सोमवार को श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के तहत दी जाने वाली अनुग्रह सहायता राशि की 11वीं किश्त के रूप में 203 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक से पात्र हितग्राहियों के खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश के 9 हज़ार 149 संबल हितग्राहियों को मिली यह राशि इन सभी परिवारों में आनंद लेकर आई है। उन्होंने कहा कि संबल योजना ने प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को सहारा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कठिन समय में जब सभी रास्ते बंद होंगे, तब भी सरकार उनके साथ खड़ी है। यह राशि दु:ख की घड़ी में बड़ी राहत लेकर आती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर जेब में पैसे हों, तो अनेक विपत्तियों का सामना करने की हिम्मत भी आ जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछला बैकलॉग खत्म करते हुए निर्बाध रूप से श्रम सहित सभी विभागीय योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों से वीसी से जुड़े श्रमिक हितग्राहियों को श्रावण सोमवार और आने वाले रक्षाबंधन पर्व की मंगलकामनाएं दी।
श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रख रही है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जहां 'श्रम शक्ति संहिता' लागू की गई है। इसके साथ ही सरकार ने 'श्रम स्टार रेटिंग' की शुरुआत भी हमने की है, ताकि श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता न हो। उन्होंने कहा कि हम श्रमिकों को उनके हुनर परिष्कृत कर मेहनत से आगे बढ़ना चाहते हैं। श्रमिकों को सहकारिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 'श्रमणा' योजना की शुरुआत की गई है।
अंत्योदय ही हमारी सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में काम करने का तरीका बदल रहा है। प्रदेश के नौजवान अब ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए रोजगार पा रहे हैं। इनकी आर्थिक सुरक्षा की चिंता करते हुए हमारी सरकार ने गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना 2.0 में शामिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार की सबसे बड़ी चिंता इलाज की होती है, ऐसे में संबल हितग्राहियों को भी आयुष्मान भारत निरामयम् योजना से जोड़ा गया है। इसके साथ ही जिन श्रमिक हितग्राहियों के बच्चे मेडिकल, कानून, इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहे हैं, उनकी फीस की चिंता भी हमारी सरकार कर रही है।
गर्भवती श्रमिक बहनों को 16 हजार की सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब संबल योजना की लाभार्थी श्रमिक बहनों को गर्भावस्था में आर्थिक चिंता नहीं करनी पड़ती है और मां-बच्चे को बेहतर पोषण मिल रहा है। राज्य सरकार पात्र गर्भवती श्रमिक बहनों को 16 हजार रुपये की सहायता राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई श्रमिक अस्थायी रूप से दिव्यांग हो जाए, तो उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा न हो जाए, इसीलिए उसे अस्थायी दिव्यांगता हो जाने पर 1 लाख रुपये और स्थायी दिव्यांगता होने पर 2 लाख रुपये की सहायता संबल योजना के माध्यम से दी जा रही है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कार्यक्रम में वर्चुअली सहभागिता की। उन्होंने कहा कि संबल योजना के हितग्राहियों का बैकलॉग खत्म करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। आज 11वीं किश्त के रूप में उन्हें 1 जनवरी 2026 तक का भुगतान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारी संवेदनशील सरकार हर गरीब और श्रमिक के साथ हमेशा खड़ी है।
मिली सहायता
मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना 2.0 की 11वीं किश्त के लाभार्थियों में सामान्य मृत्यु अनुग्रह सहायता के 8027 हितग्राही, दुर्घटना मृत्यु अनुग्रह सहायता के 1034, आंशिक स्थायी दिव्यांगता के 66 और स्थायी दिव्यांगता के 22 हितग्राही शामिल हैं। राज्य सरकार संबल योजना के पात्र श्रमिकों को अंत्येष्टि सहायता के लिए 5 हजार रुपए, सामान्य मृत्यु के लिए 2 लाख रुपए, दुर्घटना में मृत्यु के लिए 4 लाख रुपए, आंशिक स्थायी दिव्यांगता के लिए 1 लाख रुपए और स्थायी दिव्यांगता के लिए 2 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि संबंधित हितग्राहियों या उनके निकटतम परिजन को उपलब्ध कराती है।
संबल योजना की सहायता राशि वितरण के इस कार्यक्रम में सचिव श्रम श्रीमती रानी बाटड़ सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

