एमपी में केन-बेतवा परियोजना पर 15 दिन से चल रहा धरना खत्म

छतरपुर। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में केन-बेतवा गठजोड़ परियोजना और विकास योजनाओं के खिलाफ बीते पखवाड़े से चल रहा महाआंदोलन रविवार को पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के बाद थम गया। सुरक्षा बलों ने कुपी क्षेत्र में बराना नदी के मुहाने पर बने धरना मंच को बलपूर्वक हटवा दिया। इसके साथ ही वहां डटे सभी आंदोलनकारियों को बसों में बैठाकर सम्मानपूर्वक उनके गृह क्षेत्रों की ओर रवाना कर दिया गया।

जल और चिता सत्याग्रह से हिला प्रशासन

इस 15 दिवसीय बड़े आंदोलन की सबसे खास बात यह रही कि इसकी बागडोर अग्रिम मोर्चे पर आदिवासी महिलाओं ने संभाल रखी थी। जल-जंगल-जमीन की लड़ाई लड़ रही इन महिलाओं ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए नदी के पानी में खड़े होकर जल सत्याग्रह किया, चिता पर लेटकर विरोध जताया और प्रतीकात्मक रूप से फांसी के फंदे पर झूलने जैसा कड़ा रुख अख्तियार किया। इन अलग-अलग तरीकों ने पूरे देश का ध्यान इस ओर खींचा था।

भूख हड़ताल का हुआ समापन

क्षेत्रीय जनता की इस आवाज को धार दे रहे प्रमुख समाजसेवी अमित भटनागर बीते 11 दिनों से अन्न-जल त्याग कर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। पुलिस द्वारा धरना स्थल को खाली कराए जाने और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद अमित भटनागर का आमरण अनशन भी आखिरकार समाप्त हो गया। प्रशासन अब क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने पर नजर रख रहा है।

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