ग्वालियर| मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार रात शीतला माता मंदिर के पास एक दर्दनाक हादसा हो गया। चीनौर रोड पर ढलान के नजदीक भूसे से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं और सड़क किनारे लगी दुकानों को रौंदता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया।
हादसे में 15 लोगों की मौत और घायलों का हाल
इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी हैं और पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान
हादसे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। वहीं, गंभीर घायलों को 2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मंत्री एदल सिंह कंसाना और राकेश शुक्ला को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए।
11 मृतकों की हुई पहचान
हादसे के बाद प्रशासन द्वारा 11 मृतकों की पहचान कर ली गई है, जिनके नाम निम्नलिखित हैं:
सत्येंद्र गुर्जर
सरला तोमर
गौरव परिहार
महेश शर्मा
विमलेश
देवेश बघेल
प्रिंस उर्फ छोटू जाटव
शौर्य शर्मा
हेमंत राठौड़
दिव्यांश
पवन
दीवार के मलबे में दबे 40 से 45 लोग
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सप्तमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु ग्वालियर स्थित शीतला माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। इसी दौरान बेकाबू ट्रक ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक की टक्कर से मंदिर के प्रवेश द्वार की दीवार भी ढह गई, जिसके मलबे में करीब 40 से 45 लोग दब गए।
प्रशासन और पुलिस द्वारा राहत एवं बचाव कार्य
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें ग्वालियर में तुरंत मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया। मृतकों के शवों और घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान के मुताबिक, ट्रक श्रद्धालुओं और दुकानों को कुचलने के बाद मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया था। हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है, और घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रशासनिक तैयारियों को लेकर भी समीक्षा की जा रही है।

