आयुष्मान योजना पर गंभीर सवाल, मजदूर के साथ कथित ज्यादती और पैसों की मांग का मामला

मंडीदीप। राज्य सरकार द्वारा गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी 'आयुष्मान योजना' का निजी अस्पतालों द्वारा दुरुपयोग किए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रायसेन जिले के औद्योगिक नगर मंडीदीप के दीप नगर स्थित एक निजी अस्पताल पर इंसानियत और स्वास्थ्य नियमों को दरकिनार कर अवैध कमाई करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यहाँ एक गरीब मजदूर को दांतों के मामूली इलाज के बहाने कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखकर उसके नाम पर भारी-भरकम सरकारी क्लेम पास कराने तथा अब नए दांत लगाने के एवज में बीस हजार रुपये नकद मांगने का मामला उजागर हुआ है।

इलाज के नाम पर बंधक बनाने का आरोप

पीड़ित गरीब मजदूर जब दांत के दर्द का उपचार कराने अस्पताल पहुंचा, तो आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उसकी बीमारी की जगह उसके आयुष्मान कार्ड का फायदा उठाने की कोशिश की। योजना के तहत सरकार से बड़ा बिल उठाने की नीयत से मजदूर के दांत निकाल दिए गए और उसे पंद्रह दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया। इसके बाद नए दांत लगाने का झांसा देकर उसे एक महीने बाद पुनः बुलाया गया और पिछले कई दिनों से फिर से वार्ड में भर्ती रखकर उससे बीस हजार रुपये की नकद मांग की जा रही है, जिससे पीड़ित और उसका परिवार बेबस नजर आ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की जांच पर उठे सवाल

मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर एक जांच दल अस्पताल पहुंचा, जिसके समक्ष पीड़ित मजदूर ने अस्पताल की कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी दी। हालांकि, इस पूरे खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में कई अन्य मरीजों की फाइलों की गहनता से पड़ताल किए बिना ही जांच दल औपचारिकता पूरी कर लौट गया। इस रवैये से प्रशासनिक संरक्षण की आशंका जताई जा रही है और पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है।

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