भोपाल: देशभर में ठगी, रंगदारी और अवैध हथियार तस्करी के मामलों में वांटेड कुख्यात गैंगस्टर राजू ईरानी को रविवार दोपहर भोपाल लाया गया. शनिवार सुबह सूरत क्राइम ब्रांच ने उसे एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया था, सूरत में वह लंबे समय से छिपकर रह रहा था. गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही भोपाल पुलिस की टीम सूरत पहुंच गई थी और रविवार दोपहर ट्रांजिट रिमांड पर उसे भोपाल लेकर पहुंची. जहां भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया.
पत्थरबाजी के बीच राजू ईरानी हुआ था फरार
देशभर में क्राइम का साम्राज्य बना चुका ईरानी गैंग का मुखिया राजू ईरानी को निशातपुरा पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर जिला कोर्ट में पेश किया. इस दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई थी. निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि "27 दिसंबर 2025 की रात ईरानी डेरे पर बड़ी पुलिस कार्रवाई की गई थी. इस दौरान कई वांटेड आरोपी गिरफ्तार किए गए थे. इस कार्रवाई के दौरान महिलाओं द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. इसी बीच राजू ईरानी मौके से फरार हो गया था. पुलिस ने इनपुट के आधार पर सूरत पुलिस को अलर्ट किया था."
7 राज्यों की पुलिस कर रही थी पीछा
पुलिस के मुताबिक, राजू ईरानी पिछले 20 वर्षों से ठगी, रंगदारी और हथियार सप्लाई की संगठित गैंग चला रहा था. वह एक साथ 6 आपराधिक गैंग ऑपरेट करता था. उसके खिलाफ हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल समेत 7 राज्यों में लूट, ठगी, रंगदारी और अवैध हथियारों के दर्जनों मामले दर्ज हैं. महाराष्ट्र में उस पर मकोका जैसे सख्त कानून के तहत केस चल रहा है, जबकि भोपाल में उसके खिलाफ 20 से अधिक मामलों में वारंट जारी है.
भेष बदलकर करता था वारदात
राजू ईरानी की गैंग की सबसे खतरनाक पहचान उसका भेष बदलकर अपराध करना था. कभी सफारी सूट पहनकर खुद को सीबीआई या पुलिस अधिकारी बताना, तो कभी साधु-बाबा बनकर लोगों के धार्मिक विश्वास का फायदा उठाना. इसी तरीके से बुजुर्गों और आम नागरिकों से गहने उतरवाकर ठगी की जाती थी.
परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश का आरोप
राजू ईरानी पर सिर्फ ठगी ही नहीं, बल्कि अत्यंत क्रूर अपराध का भी आरोप है. आरोप है कि बीते 5 दिसंबर 2025 को उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर साबिर अली उर्फ भूरा के पूरे परिवार को घर में बंद कर जिंदा जलाने की कोशिश की थी. राजू को शक था कि भूरा पुलिस की मुखबिरी कर रहा है. इस वारदात के बाद से ही उसे मोस्ट वांटेड घोषित किया गया था.
ईरानी डेरा दो गुटों में बंटा
फिलहाल ईरानी डेरा दो हिस्सों में बंट चुका है. एक गुट पर राजू ईरानी का दबदबा है, जबकि दूसरा गुट काला ईरानी के नियंत्रण में है. दोनों के बीच खुला टकराव कम दिखता है लेकिन इलाके में वर्चस्व को लेकर अंदरूनी जंग लगातार चल रही है.
पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंग का मुख्य धंधा फर्जी दस्तावेजों के जरिए वाहनों का फाइनेंस कराना था. दूसरों के नाम पर गाड़ियां फाइनेंस कराकर किस्तें न भरना और बाद में वाहन गायब कर देना गैंग का पुराना तरीका रहा है. इसके अलावा राजू ईरानी पर गांजा तस्करी और जमीनों पर अवैध कब्जे के भी गंभीर आरोप हैं. फिलहाल पुलिस राजू ईरानी से गहन पूछताछ कर रही है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है.

