मध्यप्रदेश और राजस्थान के लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलेगी पार्वती-कालीसिंध-चम्बल परियोजना: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

PKC Project : कोटा/भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजस्थान के कोटा जिले में आयोजित श्रीकृष्ण यदुवंशी अहीर समाज के 38वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में शिरकत की. इस अवसर पर उन्होंने न केवल नव-दंपतियों को आशीर्वाद दिया, बल्कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के मजबूत रिश्तों और भविष्य की विकास योजनाओं पर भी प्रकाश डाला.

PKC Project बनेगा  एमपी-राजस्थान के लिए वरदान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि चंबल मैया का आशीर्वाद मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों राज्यों को मिल रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) अंतर्राज्यीय परियोजना दोनों प्रांतों के लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलेगी. उन्होंने मध्यप्रदेश को ‘नदियों का मायका’ बताते हुए कहा कि राजस्थान और मध्यप्रदेश “जोड़ीदार प्रदेश” हैं और यह प्रोजेक्ट किसानों के लिए सिंचाई और खुशहाली का नया मार्ग प्रशस्त करेगा.

सामूहिक विवाह: फिजूलखर्ची रोकने का उत्तम माध्यम

विवाह संस्कारों के महत्व पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 संस्कारों में पाणिग्रहण संस्कार अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो कुल और गोत्र को अमरता प्रदान करता है. उन्होंने सामूहिक विवाहों की सराहना करते हुए कहा कि ये आज के समय की बड़ी आवश्यकता हैं.

डॉ. यादव ने अपना उदाहरण देते हुए कहा, “मैंने अपने बेटे का विवाह भी सादगी पूर्वक किया था.” उन्होंने जोर देकर कहा कि खर्चीली शादियों के कारण परिवारों को जो आर्थिक कष्ट उठाना पड़ता है, उसे सामूहिक विवाहों के जरिए रोका जा सकता है.

भगवान श्रीकृष्ण: लोकतंत्र के प्रथम नायक

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया. उन्होंने कहा कि कृष्ण ने धर्म के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी और वे लोकतंत्र के सच्चे नायक थे. इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि कंस वध के बाद उन्होंने स्वयं सत्ता नहीं संभाली, बल्कि समाज का मार्गदर्शन किया. उन्होंने यह भी साझा किया कि मध्यप्रदेश सरकार ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ का विकास कर रही है, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों को समझ सके.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की यदुवंशी समाज की प्रशंसा

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यदुवंशी समाज आज शिक्षा और सेना जैसे क्षेत्रों में देश की सेवा कर रहा है. उन्होंने समाज द्वारा आयोजित निःशुल्क विवाह सम्मेलनों की प्रशंसा की और कहा कि यह वर्तमान सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप एक सराहनीय कदम है. बिरला ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कोटा आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की और जोड़ों को शुभकामनाएं दीं.

गरीबी-अमीरी की खाई पाटते हैं ऐसे आयोजन

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन समाज में व्याप्त गरीबी और अमीरी के अंतर को कम करते हैं. वहीं, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने डॉ. मोहन यादव को समाज का गौरव बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में दोनों राज्यों के बीच नदी परियोजना पर तेजी से कार्य हो रहा है.

महंत बालक नाथ ने दीं शुभकामनाएं

विधायक महंत बाबा बालक नाथ ने कहा कि यदुवंशी समाज धर्म के मार्ग पर चलने वाला समाज है. उन्होंने फिजूलखर्ची रोकने के प्रयासों की सराहना की। ग्राम रींछी में आयोजित इस 38वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में 38 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे. कार्यक्रम में मध्यप्रदेश और राजस्थान के कई संत, जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे.


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