MP Government का नया लग्जरी जेट चर्चा में, आधुनिक केबिन और आरामदायक सीटें होंगी खासियत

भोपाल| करीब सवा दो साल पहले नए सरकारी विमान की खरीद को मिली मंजूरी के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार का इंतजार खत्म होने जा रहा है। कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर का चैलेंजर 3500 विमान अगले सप्ताह नवरात्र के दौरान दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। कस्टम क्लीयरेंस और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे भोपाल लाया जाएगा। विमान की खरीद करीब 234 करोड़ रुपये में की गई है। इसके बीमा की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। विमानन विभाग ने बीमा कंपनियों से दरें मांगी हैं, जिन्हें 21 अक्टूबर तक देना होगा। सरकार के नए विमान का बीमा करीब 268 करोड़ रुपये का प्रस्तावित है। इसमें विमान के साथ यात्रियों और सामान का कवरेज भी शामिल रहेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट ने जुलाई 2024 में नया विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद खरीद संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर आदेश जारी किया गया। तकनीकी कारणों से विमान की डिलीवरी में देरी हुई।

वॉयस-कंट्रोल केबिन सुविधाएं

चैलेंजर 3500 अपनी श्रेणी का आधुनिक बिजनेस जेट है। इसमें केबिन की लाइट, तापमान और मनोरंजन संबंधी सुविधाओं को आवाज से नियंत्रित किया जा सकता है। विमान में बॉम्बार्डियर की खास Nuage सीटें दी गई हैं, जिन्हें यात्रियों के आराम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसके अलावा वायरलेस चार्जिंग की सुविधा और 24 इंच की 4K स्क्रीन भी इसकी प्रमुख खूबियों में शामिल हैं।

विमान की उड़ान क्षमता

कंपनी की तकनीकी जानकारी के अनुसार, इस विमान की अधिकतम रेंज करीब 6,297 किलोमीटर है। इसकी अधिकतम गति लगभग 882 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम परिचालन ऊंचाई 45 हजार फीट है। वास्तविक उड़ान दूरी मौसम, गति, यात्रियों की संख्या और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। कंपनी के अनुसार, 41 हजार फीट की ऊंचाई पर केबिन का दबाव 4,850 फीट की ऊंचाई के बराबर रखा जा सकता है, जिससे यात्रियों को सफर के दौरान आराम मिलता है।

नया हेलिकॉप्टर

सरकार के हवाई बेड़े में एक नया डबल इंजन हेलिकॉप्टर भी शामिल होने की तैयारी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, निर्माता कंपनी से इसके लिए अनुबंध किया जा चुका है। हेलिकॉप्टर की कीमत करीब 150 करोड़ रुपये है और दिसंबर 2026 तक इसकी डिलीवरी होने की उम्मीद है।

किराए के विमानों पर खर्च

नया विमान मिलने तक राज्य सरकार को मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य अतिविशिष्ट व्यक्तियों की यात्राओं के लिए निजी चार्टर विमान और हेलिकॉप्टर किराए पर लेने पड़ रहे हैं। विधानसभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच किराए के विमानों पर सरकार करीब 290 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। ऐसे में नए विमान और हेलिकॉप्टर के आने से सरकारी हवाई बेड़े को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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