मप्र विधानसभा: गरमाया सौरभ शर्मा मामला, मोहन सरकार के मंत्री से मांगा इस्तीफा, विपक्ष का वॉकआउट

MP Saurabh Sharma Cace भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के 7वें दिन कांग्रेस विधायकों ने परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के मामले को लेकर सदन में हंगामा किया. उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने सौरभ शर्मा की नियुक्ति को फर्जी बताया और नोटशीट लिखने वाले मंत्री और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा- ‘मामले की जांच चल रही है. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कैसे स्पष्ट होगा कि आरोपी कौन है.’ हालांकि अध्यक्ष के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से इस्तीफे की मांग की, जिस पर ठोस जवाब न मिलने पर उन्होंने सदन से वॉकआउट कर दिया.

MP Saurabh Sharma Cace: नियुक्ति पर  कांग्रेस ने उठाया सवाल  

कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने कहा, ’14 सितंबर 2016 को मंत्री ने सौरभ शर्मा की परिवहन विभाग में नियुक्ति के लिए नोटशीट लिखी थी. इसके बाद 23 सितंबर 2016 को परिवहन विभाग में नियुक्ति के लिए दूसरी नोटशीट लिखी गई. कटारे ने कहा कि नियुक्ति के लिए सौरभ शर्मा को दो विकल्प दिए गए थे. सौरभ शर्मा पहले सत्य प्रकाश और फिर राजेंद्र सेंगर की मदद से मंत्री के पास पहुंचे। उनका इतना प्रभाव था कि वे जिलों के परिवहन आयुक्तों का तबादला करवा देते थे.

कांग्रेस ने सदन से किया वॉकआउट

हेमंत कटारे ने कहा कि उनकी नियुक्ति के संबंध में सदन में उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार सौरभ शर्मा की भर्ती फर्जी तरीके से की गई थी. कटारे ने उनकी नियुक्ति में मदद करने वाले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है.

परिवहन मंत्री का जवाब

स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, ‘अनुकंपा नियुक्ति के लिए पहले विभाग प्रस्ताव भेजता है फिर कलेक्टर देखता है कि किस विभाग में पद खाली है, जहां उनकी नियुक्ति की जा सकती है इसके बाद भी परिवहन विभाग में सौरभ शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति दे दी गई. इसमें कुछ भी गलत नहीं है. वहीं, इस मामले में जांच को लेकर परिवहन मंत्री ने कहा कि, अभी आयकर लोकायुक्त और ईडी जैसी एजेंसियां ​​इसकी जांच कर रही हैं. ऐसे में सीबीआई जांच का कोई औचित्य नहीं है.

सौरभ शर्मा मामले में सीबीआई जांच की मांग 

विधानसभा में हेमंत कटारे द्वारा सौरभ शर्मा के बारे में पूछे गए सवाल पर कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट होकर विधानसभा अध्यक्ष के सामने पहुंच गए. उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग पर जोर दिया. जब कांग्रेस विधायकों की मांग का कोई जवाब नहीं मिला तो वे सदन से बाहर चले गए. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि ‘सौरभ शर्मा के पास मिला पैसा जनता का है. मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए. क्या शर्मा के यहां मिली सोने की ईंट सीधे दुबई से हवा में उड़कर आई थी?’ उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के इस्तीफे की मांग की.

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