राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में पुलिसकर्मी के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया और रविवार (20 सितंबर) की शाम उन्हें शहर के प्रमुख बाजारों में पैदल जुलूस के रूप में घुमाया।
बाजारों में निकाला जुलूस और लगवाई उठक-बैठक
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के हाथ रस्सी से बंधे हुए थे और उनके साथ पुलिसकर्मी डंडे लेकर चल रहे थे। पारायण चौक, गांधी चौक, किला गेट और पुराना बस स्टैंड से निकाले गए इस जुलूस के दौरान पुलिस ने आरोपियों से बीच बाजार में उठक-बैठक भी लगवाई। इस दौरान आरोपी खुद लोगों को बताते हुए नजर आए कि उन्होंने पुलिसकर्मी पर हाथ उठाया था। वे कान पकड़कर उठक-बैठक लगाते हुए यह कहते सुनाई दिए कि ‘कानून हाथ में लेना पाप है, पुलिस हमारी बाप है।’ पुलिस आरोपियों को घटनास्थल यानी किला गेट भी लेकर पहुंची, जहां उनसे दोबारा उठक-बैठक लगवाई गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जनता के मन से बदमाशों का खौफ खत्म करना और कानून का इकबाल बुलंद करना था।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
यह पूरा मामला 19 सितंबर की रात का है। कोतवाली पुलिस के मुताबिक, प्रधान आरक्षक नंदकिशोर मीणा गणेश उत्सव की ड्यूटी पर किला गेट क्षेत्र में तैनात थे। इसी दौरान जब उन्होंने संदेह के आधार पर एक मोटरसाइकिल पर सवार कुछ लोगों को रोका, तो विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि सात लोगों ने मिलकर पुलिसकर्मी के साथ गाली-गलौज की, उनके साथ मारपीट की और शासकीय कार्य में बाधा डाली।
वर्दी फाड़ी और पर्स लूट ले गए आरोपी
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने सिर्फ मारपीट ही नहीं की, बल्कि प्रधान आरक्षक नंदकिशोर मीणा की जेब में रखा पर्स भी छीन लिया। उस पर्स में 5 हजार रुपये नकद, अलग से रखे 1 हजार रुपये और कुछ जरूरी कागजात थे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पुलिसकर्मी की वर्दी भी फाड़ दी थी। यह घटना शनिवार रात करीब 8:50 से 9:10 बजे के बीच हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए अपराध क्रमांक 707/2026 दर्ज किया।
गिरफ्तार आरोपी और धाराएं
इस मामले में पुलिस ने ग्राम झंझाड़पुर निवासी भारत, अनार सिंह, ललित, कालू, राकेश, राजेश और धर्मेंद्र तंवर को आरोपी बनाया है। पुलिस ने इन पर बीएनएस (BNS) की सख्त धाराओं—132, 121(1), 221, 310(2), 296(बी) और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इनमें धारा 132 सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए बल प्रयोग और धारा 121(1) लोक सेवक को चोट पहुंचाने से जुड़ी है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से राजगढ़ जिले में बदमाशों के हौसले काफी बुलंद नजर आ रहे हैं, और महज दो दिनों के भीतर पुलिस पर हमले की यह चौथी घटना सामने आई है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह सख्त मूड में दिखाई दे रहा है।

