Wednesday, February 11, 2026

मध्य प्रदेश सरकार ने दिया किसानों को न्यौता, जबलपुर में हर रविवार लगेगा जैविक हाट

जबलपुर: लोगों के स्वास्थ्य और किसानों को लेकर प्रशासन ने शानदार पहल की हैअब हर रविवार को जबलपुर कृषि उपज मंडी में जैविक हाट लगाया जाएगा. जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को अपना उत्पाद सीधे ग्राहकों को बेचने के लिए एक प्लेटफार्म देने की कोशिश की जा रही है. 30 नवंबर से जबलपुर में हर रविवार को यह हाट लगाया जाएगा.

लोगों के लिए हानिकार कीटनाशक उत्पाद

अब यह बात लोगों की समझ में आ गई है कि हम जो खाद्य पदार्थ खा रहे हैं. उनमें कीटनाशक और रसायनों का प्रयोग किया गया है. यह कीटनाशक रसायनों का प्रयोग मानव शरीर के लिए हानिकारक है, लेकिन इस समस्या का समाधान क्या है? इसको लेकर कुछ लोगों ने पहल की और उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती या जैविक खेती के जरिए ऐसे उत्पाद पैदा किया जा सकते हैं, जिनमें रसायन या कीटनाशक का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं किया गया हो. किसानों ने इसका प्रयोग करना भी शुरू कर दिया है.

जबलपुर में 1500 हेक्टेयर में जैविक खेती

जबलपुर के कृषि विभाग के संयुक्त संचालक एसके निगम ने बताया कि "जबलपुर में लगभग 1500 हेक्टेयर जमीन पर प्राकृतिक और जैविक खेती हो रही है, लेकिन किसानों की एक बड़ी समस्या यह है कि वे सामान को कहां बेचें, क्योंकि बाजार में अब तक जैविक उत्पाद को बेचने के लिए अलग से कोई इंतजाम नहीं किए गए थे. इसकी वजह से किसानों को उनके उत्पाद के सही दाम भी नहीं मिल रहे थे. राज्य सरकार ने इस विषय पर गंभीरता दिखाई. एसके निगम ने बताया कि बीते दिनों चीफ सेक्रेटरी ने भी यह आदेश दिए हैं. इसके साथ ही कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में भी इस बात की चिंता जताई गई थी कि जैविक उत्पाद पैदा करने वाले किसानों के लिए एक बाजार होना चाहिए."

हर रविवार जबलपुर में लगेगा जैविक हाट

जबलपुर में अब हर रविवार को विजयनगर की सब्जी मंडी में जैविक उत्पादों का बाजार लगाया जाएगा. कृषि अधिकारी एसके निगम का कहना है कि हमने सभी किसान संगठनों और किसानों से यह अपील की है कि वे इस बाजार में अपना जैविक उत्पाद बेचने के लिए जरूर आएं. इसके साथ ही शहर के लोगों को भी कहा जा रहा है कि वे इस मंडी में जैविक उत्पाद खरीदने के लिए पहुंचे.

उन्होंने बताया कि यहां आने वाले किसानों का रजिस्ट्रेशन भी किया जाएगा. उनके उत्पाद को जैविक सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में शामिल करने की कोशिश भी शुरू की जाएगी. इससे किसानों को काफी फायदा मिलेगा.

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