जीतू पटवारी का बयान: क्रूड सस्ता फिर भी नहीं घटे ईंधन के दाम

भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें घटने के बावजूद आम जनता को इसका फायदा नहीं दिया जा रहा है। पटवारी के अनुसार, यह सिर्फ ईंधन की कीमतों का मामला नहीं है, बल्कि देश के आम नागरिकों की जेब पर डाला जा रहा एक सुनियोजित वित्तीय बोझ है।

सरकारी कंपनियों का मुनाफा आसमान पर, जनता बेहाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश के 90 फीसदी पेट्रोल पंपों को नियंत्रित करने वाली तीन बड़ी सरकारी तेल कंपनियों—आईओसी (IOC), बीपीसीएल (BPCL) और एचपीसीएल (HPCL)—ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन कंपनियों का सालाना मुनाफा 94 प्रतिशत से लेकर 212 प्रतिशत तक उछला है। अकेले चौथी तिमाही में इनका लाभ 28 से 78 फीसदी तक बढ़ा है, जिसमें IOC ने 14,458 करोड़ रुपये, BPCL ने 5,624 करोड़ रुपये और HPCL ने 6,065 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है।

कच्चा तेल 29% सस्ता हुआ, पर नहीं घटे दाम

जीतू पटवारी ने सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 19 महीनों के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 29 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय तेल के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल महंगा होता है, तो ये कंपनियां तुरंत दाम बढ़ा देती हैं, लेकिन जब कीमतें गिरती हैं, तो जनता को राहत देने के मामले में सरकार और कंपनियों की संवेदनशीलता पूरी तरह गायब हो जाती है।

टैक्स कम करने और पारदर्शिता की मांग

इस स्थिति को जनता के साथ सरासर अन्याय बताते हुए जीतू पटवारी ने मांग की है कि केंद्र और राज्य सरकारें ईंधन पर लगाए गए भारी-भरकम टैक्स को तुरंत कम करें। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकारी कंपनियां हजारों करोड़ का मुनाफा कूट रही हैं और दूसरी तरफ आम नागरिक महंगाई के बोझ तले दबा हुआ है। कांग्रेस नेता ने मांग की है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में तत्काल कटौती की जाए और ईंधन की मूल्य निर्धारण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए ताकि जनता को असल हकीकत पता चल सके।

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