जबलपुर। शहर के गोहलपुर थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आवारा कुत्ते के हमले में 33 वर्षीय युवक की जान चली गई। हमले के बाद युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश का माहौल है।
अचानक हुआ जानलेवा हमला और इलाज के दौरान मौत
यह दर्दनाक वाकया रविवार रात का है, जब गोहलपुर क्षेत्र में एक युवक गुजर रहा था। इसी दौरान एक श्वान ने उस पर अचानक हमला कर दिया और बुरी तरह नोच डाला। इस हमले में युवक के शरीर पर कई जगह गहरे और गंभीर घाव हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल युवक को विक्टोरिया अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया और उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान और परिजनों की तलाश
अस्पताल में दम तोड़ने वाले युवक की पहचान चंदन कोल (33 वर्ष) के रूप में हुई है, जो माढ़ोताल की कोल बस्ती का रहने वाला था और लोहा बांधने (सेंटींग) का काम करता था। परिजनों के अनुसार, चंदन दो दिन पहले घर से काम पर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार के लोग लगातार अपने स्तर पर उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पा रहा था। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि हमला करने वाला कुत्ता आवारा था या किसी का पालतू श्वान, जिसे लापरवाही पूर्वक खुला छोड़ दिया गया था।
श्मशान घाट में दफनाने के वक्त पहुंचे घरवाले
गोहलपुर थाना पुलिस ने सोमवार को चंदन के शव का पोस्टमार्टम कराया। चूंकि उस समय तक उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी, इसलिए पुलिस शव को अंतिम संस्कार के लिए चौहानी श्मशान घाट ले गई। वहां जब नियमानुसार शव को दफनाने के लिए गड्ढा खोदा जा रहा था, ठीक उसी समय ढूंढते हुए चंदन के परिजन भी वहां पहुंच गए। उन्होंने शव को देखते ही अपने लापता बेटे के रूप में उसकी पहचान की। इसके बाद परिजन शव को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अपने साथ ले गए और रीति-रिवाज के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया।

