इंदौर। मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में बहुमूल्य जल की बर्बादी पर अंकुश लगाने और जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम ने पानी के टैंकरों के संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शहर के चौराहों, रोड मीडियन की सफाई तथा सार्वजनिक पार्कों व बगीचों में सिंचाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले ट्रीटेड पानी (पुनर्चक्रित जल) के टैंकरों पर अब विशेष रूप से पीली पट्टी लगाई जाएगी। इस पहल से आम नागरिक पीने योग्य पानी और ट्रीटेड पानी ले जाने वाले वाहनों के बीच अंतर को आसानी से समझ सकेंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया कि कई बार सोशल मीडिया पर पानी बहने के वीडियो वायरल होने से यह गलतफहमी फैल जाती है कि निगम पीने के पानी को बर्बाद कर रहा है, जबकि वह शोधित जल होता है।
ट्रीटेड पानी के टैंकरों पर पीली पट्टी लगाने का मुख्य कारण
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार, जब नगर निगम के कर्मचारी सड़कों के किनारे बने मीडियन या उद्यानों में टैंकरों के माध्यम से पानी डालते हैं, तो अक्सर लोग इसके वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर देते हैं और निगम पर जल बर्बादी का आरोप लगाते हैं। पूर्व में महापौर के निवास के बाहर भी पानी से धुलाई का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद यह स्पष्टीकरण जारी किया गया था कि सफाई कार्यों में केवल ट्रीटेड वाटर का ही उपयोग होता है। अब पीली पट्टी लग जाने से मौके पर ही यह भ्रम दूर हो जाएगा और नागरिकों को वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लीकेज न सुधारने पर 7 दिनों बाद लगेगा भारी जुर्माना
केवल पहचान उजागर करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि टैंकरों से होने वाले पानी के रिसाव को रोकना भी अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए नगर निगम से अनुबंधित सभी निजी एजेंसियों तथा निगम के स्वयं के वाहनों को लीकेज ठीक करने के लिए 7 दिनों की समय-सीमा दी गई है। यदि इस दी गई अवधि के भीतर टैंकरों के रिसाव को दुरुस्त नहीं कराया गया, तो संबंधित ठेकेदार या एजेंसी पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम के वर्कशॉप विभाग को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे निगम के अपने बेड़े में मौजूद सभी टैंकरों की तकनीकी जांच करें और खराबी मिलने पर तत्काल मरम्मत कराएं।
भीषण गर्मी से पहले बेड़े में शामिल होंगे 30 से अधिक नए टैंकर
आगामी ग्रीष्मकाल में शहर के विभिन्न जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। निगम द्वारा जल्द ही 30 से अधिक नए और आधुनिक टैंकरों की खरीद की जाएगी। महापौर भार्गव ने कहा कि जल संरक्षण के उपायों के साथ-साथ भीषण गर्मी के दिनों में नागरिकों तक आवश्यकतानुसार पेयजल पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। नए टैंकरों के शामिल होने से नगर निगम की जल वितरण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और शहर के हर हिस्से में जरूरत के मुताबिक पानी पहुंचाया जा सकेगा।

