भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बोर्ड परीक्षा हम सभी के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। बोर्ड परीक्षा के परिणाम ही हमारे भविष्य की दिशा तय करते हैं। मध्यप्रदेश में दी जा रही उत्कृष्ट शिक्षा से हमारे विद्यार्थियों का भविष्य दिनों दिन रौशन हो रहा है। मुख्यमंत्री डा. यादव ने बुधवार को संवाद भवन (मुख्यमंत्री निवास) में माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल द्वारा ली गई कक्षा 10वीं, 12वीं एवं विद्यालय पूर्व शिक्षा में डिप्लोमा (डीपीएसई) मुख्य परीक्षा- 2026 के परिणाम घोषित किए।
वर्ष 2026 में कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 73.42 प्रतिशत एवं कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम 76.01 प्रतिशत रहा। शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों ने इस बार अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम इस बार बीते 16 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ रहा है। पिछले वर्ष भी शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों ने ही बोर्ड परीक्षा में कीर्तिमान गढ़ा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने शासकीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर किया है, जिससे हमारे शासकीय स्कूल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में निजी स्कूलों के परिणामों से आगे निकल रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फरवरी से मार्च के बीच कक्षा 10वीं की परीक्षा हुई, जिसमें 8 लाख 97 हजार विद्यार्थी शामिल हुए। हाईस्कूल परीक्षा में 73.42 प्रतिशत विद्यार्थियों को सफलता मिली है। परीक्षा में सम्मिलित होने वाले 69.31 प्रतिशत छात्र और 77.52 प्रतिशत छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं। शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम 76.80 प्रतिशत और प्राइवेट स्कूलों का 68.84 प्रतिशत रहा है। दोनों में 8 प्रतिशत का अंतर है। यह सांदीपनि विद्यालयों के अनुकूल वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था का परिणाम है। हाईस्कूल की मेरिट में 378 विद्यार्थियों ने अपना स्थान बनाया है, जिसमें 235 छात्राएं और 143 छात्र हैं। प्राइवेट स्कूलों में भी हमारी बेटियों ने ही बेटों से अधिक अंक हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय जिले अनूपपुर के 93.85 प्रतिशत विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में सफलता मिली है। अनूपपुर जिला सबसे आगे रहा है। अलीराजपुर जिला 92.14 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा है। हाईस्कूल परीक्षा में पन्ना जिले के सरस्वती ज्ञान मंदिर हाई स्कूल, गुनौर की छात्रा कु. प्रतिभा सिंह सोलंकी ने प्रथम स्थान हासिल किया है। इन्हें कुल 500 परीक्षांक में से 499 अंक मिले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभा के रूप में पन्ना जिले से एक और हीरा निकला है। मुख्यमंत्री ने कु. प्रतिभा को बधाई दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हायर सेकेंड्री में कक्षा 12वीं की परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच हुई, जिसमें 6 लाख 89 हजार 746 विद्यार्थी शामिल हुए। इस वर्ष 12वीं का परीक्षा परिणाम 76.01 प्रतिशत रहा है , जो बीते 16 साल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस वर्ष 72.39 प्रतिशत छात्र और 79.41 छात्राओं को सफलता मिली है। यहां भी बेटियों ने ही फिर बाजी मारी है। शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम निजी स्कूलों से बेहतर रहा है। हायर सेकेंड्री बोर्ड परीक्षा में शासकीय स्कूलों के 80.43 प्रतिशत और प्राइवेट स्कूलों के 69.67 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए हैं। इससे शासकीय और प्राइवेट स्कूल की पढ़ाई का अंतर साफ नजर आ रहा है। इस वर्ष हायर सेकेंड्री परीक्षा में 221 विद्यार्थियों ने जगह बनाई है। इसमें 158 छात्राएं और 63 छात्र हैं। सर्वाधिक सफलता वाले जिलों में झाबुआ 93.23 प्रतिशत परिणाम के साथ पहले स्थान पर है और अनूपपुर जिला 93.04 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कक्षा 12वीं बोर्ड में शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर, भोपाल की वाणिज्य संकाय की छात्रा कु. खुशी राय एवं अशासकीय गुरूदेव शिक्षा केन्द्र उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नीलबड़, भोपाल की छात्रा कुमारी चांदनी विश्वकर्मा ने कुल 500 अंकों में से 494 अंक हासिल कर संयुक्त रुप से टॉप किया है। कक्षा 12वीं में राजधानी भोपाल का दबदबा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बोर्ड कक्षाओं में उत्तीर्ण सभी बेटे-बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए मेहनत जरूरी है और आप सबने यह कर दिखाया। विद्यार्थी जो उत्तीर्ण नहीं हो पाये, वे निराश न हों, यह सिर्फ़ एक स्कूल की परीक्षा है, जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं। आगे और अधिक मेहनत और लगन से तैयारी करेंगे, तो निश्चित ही सफलता मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को दूसरा अवसर भी दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में बच्चों का साल बचाने के लिए बोर्ड की "द्वितीय अवसर परीक्षा" अगले माह 7 मई से शुरू होने जा रही है। इसमें हाईस्कूल और हायर सेकेंड्री के उन बच्चों को अवसर मिलेगा, जो किसी कारण से असफल हो गए। आज का परीक्षा परिणाम स्वर्णिम मध्यप्रदेश की नई तस्वीर पेश कर रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। यह भी एक सुखद संयोग है कि जनजातीय बहुल आबादी वाले जिलों के बच्चों ने बोर्ड परीक्षा परिणाम में उच्च स्थान हासिल किया है। उनकी क्षमता योग्यता में कोई कमी नहीं है। उनकी प्रतिभा ने आसमान को छुआ है। प्रदेश की बेटियों ने बोर्ड परीक्षा परिणाम में छात्रों को पीछे छोड़ते हुए अपना दबदबा कायम रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी उत्तीर्ण बेटे-बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि बेटों और मेहनत करने की जरूरत है क्योंकि इस वर्ष भी मेरिट में भी बेटियां हीं सबसे आगे हैं। यह 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान का सुखद परिणाम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष पूरक परीक्षा परिणामों की घोषणा नहीं की गई है, क्योंकि हम बच्चों को दूसरा अवसर देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिना किसी बाधा के बोर्ड परीक्षाएं पूर्ण करने के लिए प्रदेश के सभी शिक्षकगणों, बोर्ड के अधिकारियों और विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी बधाई दी।
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है, जहां किसी कारण से असफल होने पर या किसी अपरिहार्य कारण से परीक्षा देने से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं को सभी विषयों में दोबारा परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और मैदानी अमले ने पूरी पारदर्शिता के साथ बोर्ड परीक्षा कराई और मात्र 45 दिन में परिणाम भी तैयार कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा में अच्छे परिणाम हासिल किए हैं। यह हमारी सरकार की शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने का पुरस्कार है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में एमपी बोर्ड द्वारा आयोजित हायर सेकेंड्री परीक्षा में 6 लाख 89 हजार 746 और हाईस्कूल परीक्षा में 8 लाख 97 हजार 61 विद्यार्थियों शामिल हुए। इस प्रकार 15 लाख 86 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए। मंडल द्वारा पहली बार शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं। किसी भी विद्यार्थी का परीक्षा परिणाम रोका नहीं गया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा परिणाम तैयार करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भी मदद ली गई है।
कार्यक्रम में अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, माध्यमिक शिक्षा मंडल के उपाध्यक्ष वी. श्रीनिवास राव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल, आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह, माध्यमिक शिक्षा मंडल की अतिरिक्त सचिव डॉ. प्रियंका गोयल सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

