ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता, समयबद्ध निर्माण और तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर जोर

भोपाल : पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की कार्यकारिणी समिति की बैठक में निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए शीघ्र टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ करने, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की नीतियों के अनुरूप कार्य प्रणाली अपनाने तथा विभाग की सभी विंगों के बेहतर समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री जन-मन योजना के अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य बसावटों को सड़क संपर्क उपलब्ध कराने तथा 'माय गॉव से मजरा-टोला' सड़क डिजाइनों के लिए प्रतियोगिता आयोजित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही विभागीय प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बैच-1 में 973 मार्ग (2,117 किलोमीटर) स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 987 बसाहटों को लाभ मिलेगा, जबकि बैच-2 में 2,032 मार्गों पर कार्य प्रस्तावित है। क्षतिग्रस्त 1,776 पुलों में से 380 पुलों के पुनर्निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 210 विधानसभा क्षेत्रों में प्रति विधानसभा 20 किलोमीटर के मान से लगभग 4,000 किलोमीटर मजरा-टोला संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि भारी वाहनों के आवागमन से प्रभावित 5,388 किलोमीटर सड़कों के उन्नयन के कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 5,166 किलोमीटर के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 350 किलोमीटर सड़कों के उन्नयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। माइनिंग से प्रभावित मार्गों के उन्नयन के लिए एमपीएसईडीसी के माध्यम से सैटेलाइट इमेज विश्लेषण कराया जा रहा है, जिसमें 1,119 मार्गों को प्राथमिक रूप से चिन्हित किया गया है। मंत्री पटेल ने भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्यों को निर्धारित चरणों में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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