सुंदरता के पीछे छिपा खतरा, इंदौर का तालाब बना हादसों का अड्डा

इंदौर: शहर का बिलावली तालाब इन दिनों न केवल पानी की आपूर्ति का एक मुख्य जरिया है, बल्कि एक मशहूर पर्यटन स्थल के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। यहां के खूबसूरत नजारे और चारों तरफ फैली हरियाली का लुत्फ उठाने के लिए रोजाना बड़ी तादाद में शहरवासी खिंचे चले आ रहे हैं। सुबह की पहली किरण के साथ ही युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों की चहल-पहल मॉर्निंग वॉक, योग और खेल-कूद के लिए शुरू हो जाती है। हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता और लगातार उमड़ती भीड़ के बीच, तालाब परिसर की बदइंतजामी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि नगर निगम और जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण यहां किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

टूटी बाउंड्री वॉल और सेल्फी का जानलेवा शौक

तालाब में नियमित रूप से घूमने आने वाले राजेश शर्मा ने बताया कि परिसर में बने टावर की सुरक्षा दीवार काफी समय से क्षतिग्रस्त पड़ी है। क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम ने इस दीवार को ठीक करने के नाम पर इसकी ऊंचाई को पहले के मुकाबले और छोटा कर दिया है। हालात इतने जोखिम भरे हैं कि हर दिन सैकड़ों की संख्या में युवक-युवतियां इसी जर्जर और असुरक्षित दीवार के किनारे खड़े होकर सेल्फी खींचते नजर आते हैं। दीवार टूटी होने की वजह से हल्का सा भी पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने पर कोई भी सीधे गहरे पानी में समा सकता है। एक अन्य स्थानीय निवासी कविता कासलीवाल का कहना है कि यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए और गार्ड तैनात किए जाने चाहिए, क्योंकि कई छात्र अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना तालाब के बेहद करीब जाकर खतरनाक तरीके से मौज-मस्ती करते हैं।

प्रशासन से सुरक्षा दीवार ऊंची करने की अपील

बिलावली तालाब पर बने इस गंभीर खतरे को देखते हुए क्षेत्र के सजग नागरिकों ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से फौरन दखल देने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि इस टूटी हुई दीवार की मरम्मत का काम बिना किसी देरी के तुरंत शुरू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बाउंड्री वॉल की ऊंचाई को वर्तमान स्थिति से कम से कम दो फीट और बढ़ाया जाना बेहद अनिवार्य है, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित और जानलेवा दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।

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