फोन कॉल की कोशिश में साइबर फ्रॉड, नंबर नहीं लगा लेकिन बैंक खाते से कटे ₹1.5 लाख

जबलपुर: इंटरनेट सर्च इंजन से किसी भी संस्थान या चिकित्सक का फोन नंबर खोजकर उस पर संपर्क करना अब जोखिम भरा साबित हो सकता है। शहर में साइबर ठगों ने ऑनलाइन उपलब्ध जानकारियों में सेंध लगाकर जाल बिछा रखा है, जो मदद की आस में कॉल करने वाले सीधे-साधे नागरिकों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक ताज़ा और गंभीर मामला रांझी क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी रिश्तेदार के इलाज के लिए गूगल पर डॉक्टर का संपर्क नंबर खोजा। साइबर अपराधियों ने खुद को क्लिनिक से जुड़ा बताकर पीड़ित को अपने झांसे में लिया और धोखे से भारी रकम उड़ा ली।

इलाज के लिए ऑनलाइन नंबर खोजना पड़ा भारी

रांझी पुलिस के अनुसार बापूनगर निवासी दीपक कुमार रजक ने दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उनकी सास उमा रजक का स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया था। उनके त्वरित उपचार के लिए दीपक ने गूगल सर्च इंजन के माध्यम से शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. परिमल स्वामी का फोन नंबर निकालकर कॉल मिलाया। पहली बार कॉल न लगने के बाद जब दोबारा संपर्क हुआ, तो दूसरी तरफ मौजूद अज्ञात व्यक्ति ने खुद को क्लिनिक का प्रतिनिधि बताते हुए बातचीत शुरू की और पीड़ित को अपनी बातों में उलझा लिया।

टोकन जनरेट करने के नाम पर भेजी संदिग्ध एपीके फाइल

फोन पर बात कर रहे ठग ने पीड़ित से कहा कि क्लिनिक में मरीजों की काफी भीड़ है और डॉक्टर से परामर्श का समय तय करने के लिए पहले एक ऑनलाइन टोकन जनरेट करना होगा। इसके लिए मात्र पांच रुपये के शुल्क के भुगतान की बात कही गई। इसके तुरंत बाद आरोपी ने पीड़ित के व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध एपीके (APK) फाइल भेजी और निर्देश दिया कि इस फाइल को खोलकर फॉर्म भरना होगा, जिसके बाद ही पेमेंट का विकल्प सक्रिय होगा।

फॉर्म भरते ही मोबाइल हुआ हैक और खाते से उड़े डेढ़ लाख रुपये

झांसे में आए दीपक ने जैसे ही उस फाइल को डाउनलोड कर फॉर्म भरा, पेमेंट की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद आरोपी ने पचास रुपये का दोबारा प्रयास करने को कहा, लेकिन फिर भी भुगतान विफल रहा और ठग ने संपर्क काट दिया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पीड़ित का मोबाइल फोन हैक हो चुका था। कुछ ही दिनों बाद 19 जुलाई को पीड़ित के इंडियन बैंक खाते से दो अलग-अलग किश्तों में अचानक 1 लाख 50 हजार रुपये कट गए, जिससे उसके होश उड़ गए।

पुलिस ने दर्ज किया मामला और आमजन को दी सतर्क रहने की सलाह

घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल रांझी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए अलर्ट जारी करते हुए अपील की है कि गूगल या अन्य अज्ञात स्रोतों से प्राप्त नंबरों पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। साथ ही व्हाट्सएप या मैसेज के माध्यम से प्राप्त होने वाली किसी भी अज्ञात एपीके फाइल अथवा लिंक को खोलने या डाउनलोड करने से पूरी तरह बचें।

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