मऊगंज | मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना के नेतृत्व में भारी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुँचे, जहाँ उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया और देश की महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन मऊगंज कलेक्टर को सौंपा।
कार्रवाई को बताया अलोकतांत्रिक, विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
कलेक्ट्रेट पहुँचे कांग्रेसी नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ की गई पुलिसिया कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ एक गहरी साजिश बताया। इसके अलावा, कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान को लेकर भी कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार देश में विपक्ष की दबाने और कुचलने का कुत्सित प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में असहमति और विरोध की आवाज़ का सम्मान होना चाहिए, न कि राजनीतिक द्वेष के चलते दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी सरकार को घेरा
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केवल राजनीतिक मुद्दों तक ही सीमित न रहकर मऊगंज जिले की बदहाल स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। नेताओं ने जिले के अस्पतालों की लचर कार्यप्रणाली और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं में सुधार की मांग करते हुए सरकार और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उनका आरोप था कि स्वास्थ्य सेवाओं के ढीले रवैये के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और आए दिन गंभीर दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों और शिकायतों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो पार्टी आने वाले दिनों में और अधिक उग्र एवं व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

