स्मार्ट मीटर विवाद पर कांग्रेस का हल्लाबोल, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में बिजली कंपनियों द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर अब सूबे में सियासत गरमा गई है। एक तरफ जहां बिजली कंपनियों का दावा है कि इन मीटरों से सही बिलिंग होगी और बिजली चोरी रुकेगी, वहीं कांग्रेस ने इस योजना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में आज ग्वालियर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

तपती धूप में कांग्रेस का पैदल मार्च और 'खून चूस मीटर' का नारा

ग्वालियर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जिला कार्यालय पर इकट्ठा हुए। इसके बाद भीषण गर्मी और तपती दोपहर में पैदल मार्च करते हुए सभी कार्यकर्ता 'रौशनी घर' (बिजली कंपनी मुख्यालय) पहुंचे। वहां कार्यकर्ताओं ने बिजली कंपनी और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के दबाव में जबरन घर-घर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि जनता का 'खून चूसने वाले मीटर' हैं।

कमीशनखोरी और जनता की जेब पर डाके का आरोप

कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार ने भी प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल कमीशनखोरी के चक्कर में चल रही है। जनता के घरों में जो अच्छे-भले मीटर पहले से लगे हुए हैं, उन्हें जबरन उखाड़कर नए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। विधायक ने इसे जनता के पैसे की खुली बर्बादी और लोगों की जेब पर डाका डालने जैसा बताया। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक सरकार स्मार्ट मीटर लगाना बंद नहीं करती, तब तक कांग्रेस का यह आंदोलन जारी रहेगा।

ऊर्जा मंत्री पर अपने ही क्षेत्र में भेदभाव करने के आरोप

विधायक सतीश सिंह सिकरवार ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर अपने पद का दुरुपयोग करने और भेदभाव की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा:

  • ऊर्जा मंत्री अपने खुद के विधानसभा क्षेत्र में स्मार्ट मीटर नहीं लगवा रहे हैं।

  • इसके विपरीत, ग्वालियर पूर्व और ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में जबरन स्मार्ट मीटर थोपे जा रहे हैं।

  • बिजली चोरी के झूठे केस और भारी वसूली भी इन्हीं दोनों विधानसभा क्षेत्रों में की जा रही है, जबकि ऊर्जा मंत्री के अपने इलाके में सब कुछ माफ है।

कांग्रेस ने साफ किया है कि ऊर्जा मंत्री का यह दोहरा रवैया और जनता के साथ हो रहा भेदभाव अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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