भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वामी श्री चिन्मयानंद जी महाराज को एक महान संत, विचारक और आध्यात्मिक विभूति बताते हुए उनके द्वारा शुरू किए गए सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यों की सराहना की है। अवसर था चिन्मय मिशन के अनुषांगिक संगठन 'चिन्मय अमृत वाहिनी' द्वारा निकाली जा रही 'चिन्मय अमृत यात्रा' के भोपाल से अगले गंतव्य के लिए प्रस्थान का, जिसे मुख्यमंत्री ने अपने निवास से केसरिया झंडी दिखाकर रवाना किया।
गीता प्रचार और सामाजिक विकास में स्वामी जी का अविस्मरणीय योगदान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद जी के मार्गदर्शन में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निकाली जा रही इस यात्रा के 75 वर्ष पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के नैतिक चरित्र निर्माण तथा भारतीय समाज को जोड़ने में स्वामी जी का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। इसके अतिरिक्त, चिन्मय मिशन द्वारा विश्व हिंदू परिषद की स्थापना में भूमिका निभाने के साथ-साथ देशभर में अनेक स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों का संचालन कर सामाजिक परंपराओं को सशक्त बनाया जा रहा है।
भोपाल से झांसी के लिए रवाना हुई 'चिन्मय अमृत यात्रा'
मुख्यमंत्री निवास से हरी झंडी दिखाए जाने के बाद यह अमृत यात्रा अपने अगले गंतव्य झांसी (उत्तर प्रदेश) के लिए रवाना हो गई। यात्रा के भोपाल प्रस्थान के अवसर पर चिन्मय मिशन के हेड (संरक्षक) स्वामी श्री मित्रानंद सरस्वती जी महाराज सहित बड़ी संख्या में अनुयायी और साधक मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से गुजरी यात्रा
यह राष्ट्रव्यापी यात्रा छत्तीसगढ़ राज्य से शुरू होकर मध्य प्रदेश की सीमा में प्रविष्ट हुई थी। प्रदेश के भीतर यह यात्रा रीवा, सतना, बैतूल और नर्मदापुरम जैसे प्रमुख जिलों से गुजरते हुए राजधानी भोपाल पहुंची थी। इससे पूर्व आयोजित चिन्मय अमृत यात्रा का मार्ग प्रदेश के खंडवा और इंदौर शहरों से होकर गुजरा था। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से मिशन द्वारा चलाए जा रहे सभी सामाजिक व आध्यात्मिक अभियानों के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

