भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सचिवालय (CMO) की कार्यक्षमता और विभागों में तालमेल बढ़ाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव किया है। सचिवालय के कामकाज को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उन्होंने प्रमुख अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का नया विभाजन किया है।
इस नई प्रशासनिक व्यवस्था का मुख्य ढांचा इस प्रकार है:
प्रमुख अधिकारियों को मिलीं नई जिम्मेदारियां
1. नीरज मंडलोई (अपर मुख्य सचिव): सचिवालय में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए वे समन्वय (Coordination) और स्थानांतरण (Transfer) से जुड़ी फाइलों का प्रबंधन करेंगे। इसके अलावा:
-
सिंहस्थ 2028: सिंहस्थ से संबंधित 'ए-प्लस' श्रेणी की महत्वपूर्ण नोटशीट उनके पास रहेंगी।
-
क्षेत्रीय निगरानी: उनके जिम्मे इंदौर और उज्जैन संभाग की मॉनिटरिंग के साथ-साथ सचिवालय के अन्य अधिकारियों के बीच सामंजस्य बिठाने का कार्य होगा।
2. आलोक कुमार सिंह (सचिव): इन्हें राजनीतिक समन्वय और बुनियादी विभागों की कमान सौंपी गई है:
-
नियुक्तियां एवं जनप्रतिनिधि: सरकारी और गैर-सरकारी नियुक्तियों के साथ-साथ सांसद और विधायकों से जुड़े कार्यों का जिम्मा संभालेंगे।
-
विभाग एवं क्षेत्र: कृषि विभाग के साथ भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग के मामलों की देखरेख करेंगे।
3. टी. इल्याराजा (सचिव): इनकी मुख्य भूमिका राज्य और केंद्र के बीच सेतु के रूप में होगी:
-
दिल्ली समन्वय: केंद्र सरकार से संबंधित विषयों और दिल्ली स्थित विभिन्न कार्यालयों के बीच लंबित कार्यों में तेजी लाने का कार्य करेंगे।
4. कौशलेंद्र विक्रम सिंह (सचिव): हाल ही में पदस्थ किए गए इस अधिकारी को तकनीकी और निगरानी संबंधी आधुनिक प्रणालियों की जिम्मेदारी मिली है:
-
निगरानी: संवेदनशील सूचनाओं की मॉनिटरिंग और विजिलेंस शाखा की देखरेख।
-
तकनीक एवं संकल्प: मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, आईटी सेल और सरकार के 'संकल्प पत्र' (चुनावी घोषणापत्र) के क्रियान्वयन पर नज़र रखेंगे।

