ग्वालियर। मध्यप्रदेश की महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' को लेकर पिछले कुछ दिनों से भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इन संदेशों में दावा किया जा रहा था कि योजना के तहत नए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है। इस जानकारी के सामने आते ही प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने पूरे मामले का बारीकी से फैक्ट चेक किया, जिसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि नए आवेदनों को लेकर किया जा रहा यह दावा पूरी तरह फर्जी और निराधार है।
फर्जी खबरों के पीछे छिपा है ठगी का बड़ा जाल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलाई जा रही इस तरह की झूठी जानकारियों के पीछे दरअसल जालसाजों का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ असामाजिक तत्व महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने और नया नाम जुड़वाने का झांसा देकर उनसे अवैध रूप से पैसों की मांग कर रहे हैं। ग्वालियर जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को मिली शुरुआती शिकायतों से यह भी पता चला है कि कुछ भोली-भाली महिलाएं इन ठगों की बातों में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुकी हैं। पुलिस अब इन जालसाजों की पहचान करने में जुट गई है।
विभाग ने जारी की सख्त एडवाइजरी और स्पष्टीकरण
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने तत्काल एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने बेहद कड़े शब्दों में साफ किया है कि वर्तमान में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत किसी भी नए आवेदन को स्वीकार नहीं किया जा रहा है और न ही नए पंजीयन की कोई प्रक्रिया चलाई जा रही है। अधिकारियों ने जिले की सभी महिलाओं से भावुक अपील की है कि वे व्हाट्सऐप, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर आने वाली किसी भी अपुष्ट और असत्यापित खबर पर आंख मूंदकर भरोसा बिल्कुल न करें।
वरिष्ठ अधिकारी ने दी फर्जीवाड़े से बचने की हिदायत
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी राहुल पाठक ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि नए रजिस्ट्रेशन शुरू होने की बात में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने सचेत किया कि यदि कोई भी व्यक्ति फॉर्म भरवाने, सूची में नाम शामिल कराने या योजना का लाभ दिलाने के एवज में एक भी रुपये की मांग करता है, तो वह सीधे तौर पर धोखाधड़ी कर रहा है। महिलाओं को ऐसे धोखेबाजों से पूरी तरह सतर्क रहने और उनके झांसे में न आने की सख्त हिदायत दी गई है।
अफवाहें फैलाने और ठगी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी हासिल करने के लिए केवल महिला एवं बाल विकास विभाग के प्राधिकृत कार्यालयों से ही संपर्क किया जाए। इसके साथ ही सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर झूठी अफवाहें फैलाने वाले तत्वों और योजना के नाम पर अवैध वसूली करने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ऐसे लोगों को चिह्नित कर रहा है और उनके खिलाफ विभागीय नियमों के साथ-साथ सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

