मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम मोहन यादव का बड़ा संदेश, विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा प्रदेश

भोपाल। मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के भावी विकास का एक सुदृढ़ रोडमैप जनता के सामने रखा। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मुख्य ध्यान कृषकों की समृद्धि, युवाओं के लिए व्यापक रोजगार व स्वरोजगार के अवसर, महिलाओं का स्वावलंबन तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं के व्यापक विस्तार पर रहेगा। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा की और रेखांकित किया कि इस वर्ष उत्सव की मूल अवधारणा 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जब राज्य का अन्नदाता खुशहाल होगा, तभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और प्रदेश आत्मनिर्भरता के मार्ग पर तीव्र गति से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने 1 नवंबर 1956 को गठित मध्य प्रदेश की सात दशकों की स्वर्णिम उपलब्धियों का स्मरण करते हुए कहा कि महाकाल मंदिर उज्जैन, मां नर्मदा की पावन धारा, सांची स्तूप, खजुराहो एवं भीमबेटका जैसी ऐतिहासिक व प्राकृतिक धरोहरों को संजोते हुए विकास के नए आयाम स्थापित करना ही सरकार का संकल्प है।

कृषि, पशुपालन और उद्यानिकी के माध्यम से आय वृद्धि

कृषकों की आय में निरंतर वृद्धि दर्ज करने के उद्देश्य से राज्य में सिंचाई तंत्र के विस्तार, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, प्राकृतिक खेती, गुणवत्तापूर्ण बीजों तथा अत्याधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसी पूरक गतिविधियों को जोड़कर किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण और कृषि पर आधारित लघु व मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही उपज का संवर्धन किया जा सके।

युवाओं को उद्यमी बनाने और कौशल विकास पर बल

प्रदेश की युवा शक्ति को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें वर्तमान औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा युवाओं को केवल रोजगार की तलाश करने वाला बनाने के बजाय स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने की है। इस हेतु प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम, औद्योगिक निवेश और नए नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही खेल के क्षेत्र में भी उदीयमान प्रांतीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करने के प्रयास जारी हैं।

महिला सशक्तीकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएं

महिला वर्ग को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों, व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्वरोजगार योजनाओं तथा महिला उद्यमिता को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। शैक्षणिक सुधारों की दिशा में सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त शासकीय चिकित्सालयों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति तथा सुदूर ग्रामीण इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।

पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस की नीति

कानून व्यवस्था की स्थिति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने तथा पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर बल दिया। उन्होंने 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की, ताकि आम नागरिकों को लालफीताशाही और अनावश्यक कागजी जटिलताओं से राहत मिल सके। स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और एक सुरक्षित, समृद्ध तथा आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के निर्माण का आह्वान किया।

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