उज्जैन: श्रावण मास के दूसरे सोमवार के अवसर पर सुबह से ही शहर के शिवालयों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। इस पावन दिन पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक गोलू शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे और दर्शन लाभ लिया। महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देर रात से ही लगी हुई थीं। परंपरा के अनुसार, रात्रि ढाई बजे मंदिर के पट खोले गए और इसके बाद तड़के तीन बजे भस्मारती का विधिवत आरंभ हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
शिव आराधना का विशेष माह श्रावण
धर्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रावण मास भगवान भोलेनाथ को अतिप्रिय है। इस पूरे माह में शिव आराधना करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं। दूसरे सोमवार की शुरुआत पर महाकालेश्वर मंदिर में विशेष भस्मारती संपन्न हुई। भस्मारती से पहले भगवान को जल अर्पित कर महा पंचामृत अभिषेक किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और विभिन्न फलों के रस का उपयोग हुआ। अभिषेक के पश्चात भांग और चंदन से भोलेनाथ का मनमोहक श्रृंगार कर वस्त्र धारण कराए गए, जिसके बाद विधिवत भस्म चढ़ाई गई।
भस्मारती और शाम को निकलने वाली शाही सवारी
भस्मीभूत होने के बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के बीच बाबा की भस्मारती संपन्न हुई। इस पल के लिए श्रद्धालु पूरे साल प्रतीक्षा करते हैं, जिससे मंदिर परिसर में सुबह से ही भारी उत्साह और उल्लास का वातावरण है। श्रावण और भादो मास में प्रत्येक सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकाले जाने की प्राचीन परंपरा है। इसी क्रम में आज शाम को भी बाबा की सवारी नगर भ्रमण पर निकलेगी, जिसके माध्यम से राजा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानते हैं।
सवारी के दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर लाखों श्रद्धालु घंटों प्रतीक्षा करते हैं और एक झलक पाकर स्वयं को धन्य मानते हैं। पिछले सोमवार को मंदिर में पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने इस बार भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। आज शाम चार बजे मंदिर से पारंपरिक सवारी आरंभ होगी।

