भोपाल: राजधानी के सूखीसेवनिया थाना क्षेत्र से अंधविश्वास और गढ़े हुए धन के लालच में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक कलयुगी पिता ने कथित तांत्रिक के बहकावे में आकर अपनी ही नाबालिग बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक अपराध को छिपाने के लिए उसने शव को एक अन्य खेत में दफन कर दिया और अगले ही दिन थाने जाकर बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
करीब एक महीने बाद जब खेत की जुताई हो रही थी, तब वहां से एक मानव कंकाल बरामद हुआ, जिसने इस पूरे मामले की कलई खोलकर रख दी। वारदात के बाद से ही फरार चल रहे मुख्य आरोपी पिता को पुलिस ने करीब तीन महीने की कड़ी मशक्कत के बाद विदिशा जिले के गंजबासौदा से धर दबोचा है। हालांकि, इस घिनौने अपराध में शामिल दो अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
खजाने की चाहत में तांत्रिक को बुलाया
पुलिस अधीक्षक पंकज पांडे के अनुसार, आरोपी मजदूरी करने के साथ-साथ एक किसान के खेत की रखवाली का काम भी संभालता था। मार्च 2025 में आरोपी के एक रिश्तेदार ने खेत की मेढ़ पर कुछ पुरानी ईंटें देखीं और अनुमान लगाया कि जमीन के नीचे कोई प्राचीन खजाना दबा हो सकता है। धन के लालच में आकर आरोपी ने पास के गांव से एक कथित तांत्रिक को तांत्रिक क्रिया के लिए आमंत्रित किया। 2 अप्रैल की रात को वह तांत्रिक खेत पर पहुंचा, जहां आरोपी का पूरा परिवार भी उपस्थित था।
अंधविश्वास के जाल में कत्ल
पुलिस की गहन तफ्तीश में यह बात उजागर हुई है कि अनुष्ठान के दौरान तांत्रिक ने नाबालिग लड़की को खेत की मेढ़ पर बुलाया। कुछ देर बाद उसने परिवार में खौफ पैदा करने के लिए झूठ बुना कि लड़की के शरीर में किसी अलौकिक या बुरी शक्ति का वास हो गया है। तांत्रिक ने डराते हुए कहा कि यदि इस लड़की को तुरंत नहीं मारा गया, तो पूरे परिवार पर कोई बहुत बड़ी विपत्ति आ जाएगी। अंधविश्वास और डर में अंधे हो चुके पिता ने आव देखा न ताव और अपनी ही बेटी के सिर पर डंडे से ताबड़तोड़ वार कर दिया। जब लड़की गंभीर रूप से घायल अवस्था में तड़प रही थी और उसकी सांसें चल रही थीं, तब उसका गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को पास के खेत के एक गड्ढे में छुपा दिया गया।
गुमशुदगी का नाटक और कंकाल से खुला राज
हत्याकांड को अंजाम देने के अगले दिन आरोपी ने अपनी पत्नी से झूठ कहा कि बेटी कहीं गायब हो गई है और दोनों ने थाने जाकर उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करा दी। लेकिन पाप का घड़ा तब फूटा जब 7 मई को उसी खेत की जुताई के दौरान एक मानव कंकाल और कुछ कपड़े बाहर आ गए। कपड़ों को देखकर मृतका की पहचान की गई। पुलिस ने जैसे ही मामले में हत्या की धाराएं जोड़कर जांच आगे बढ़ाई, आरोपी पिता तुरंत घर छोड़कर भाग निकला, जिससे पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे, दो की तलाश
आरोपी की पत्नी ने भी पुलिस को अपने पति के संदिग्ध व्यवहार के बारे में इनपुट दिए थे। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों तंत्र की मदद से घेराबंदी की और आखिरकार आरोपी को गंजबासौदा से गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। फिलहाल, घटना में शामिल ढोंगी तांत्रिक और एक अन्य मददगार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

