Sunday, April 14, 2024

Arvind Kejriwal की गिऱफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट में बहस पूरी,फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली : दिल्ली शराब नीति मामले में गिरफ्तार दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल Arvind Kejriwal की गिरफ्तारी के खिलाफ आज दिल्ली हाईकोर्ट में बहस हुई. अरविंद केजरीवाल Arvind Kejriwal ने अपनी गिऱफ्तारी के खिलाफ हाइकोर्ट में अपील की थी और रिहाई की मांग की थी. अरविंद केजरीवाल की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंहवी ने बहस की वहीं इडी की ओर से सालिसिटर जनरल एसपी राजू ने कोर्ट में बहस की.

Arvind Kejriwal के वकील की दलील

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच में हुई सुनवाई में सीएम अरविंद केजरीवाल Arvind Kejriwal के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए ईडी की मंशा पर सवाल उठाया. सिंहवी ने कहा कि लोकसभा के चुनाव नजदीक आ गये हैं और अरविंद केजरीवाल को केवल इसीलिए गिरफ्तार किया गया है, ताकि वो  चुनाव अभियान में हिस्सा ना ले सके और उनकी पार्टी खत्म हो जाये.  सिंहवी ने कहा कि अदालत को ये देखना होगा कि चुनाव प्रक्रिया में  सभी को बराबर मौका मिले. केजरीवाल को नवंबर 2022 को पहला समन दिया गया और मार्च 2024 में गिरफ्तार कर लिया गया.जबकि इडी के पास PMLA के तहत कार्रवाई करने के लायक सबूत नहीं हैं.

ईडी ने Arvind Kejriwal की तरफ से एक से ज्यादा वकील होने का विरोध किया

इडी के वकील ने कोर्ट में अरविंद केदरीवाल की तरफ से  बहस में दो वकीलों के होने पर ऐतराज जताते हुए कहा कि हर व्यक्ति को केवल एक वकील रखने का अधिकार है. केवल इसलिए कि आप एक प्रभावशाली व्यक्ति है, इसलिए तीन तीन वकीलों को बहस में शामिल नहीं कर सकते.  जबकि एक आम आदमी को एक से ज्यादा वकील रखने का अधिकार नहीं है.

इडी के वकील ने कहा हमारे पर्याप्त सबूत

ईडी की ओर से बहस कर रहे एएसजी राजू ने कहा कि केजरीवाल के खिलाफ जितने गवाहों ने बयान दिये है वो हमारे पास हैं.  इसके अलावा वास्टएप्प चैट औऱ हवाला ऑपरेटरों के बयान भी हैं.हम कोई हवा मे तीर नहीं चला रहे हैं.हमारे पास आयकर विभाग का पूरा डेटा मौजूद है.

एएसजी राजू ने कहा कि जब बड़े लोग अपराध में शामिल होते हैं तो उनक खिलाफ सबूतों के इकट्ठा करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में कानून ये है कि सरकारी गवाह पर भरोसा किया जा सकता है.

 केजरीवाल की याचिका पर इडी से बहस

इडी ने जब अपनी दलील पूरी कर ली तब केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंहवी ने कहा कि इडी ने ये तक तो बताया नहीं कि मेरी याचिका क्या है ? ये मामला धारा 19 PMLA के तहत अवैध गिरफ्तारी का है, जबकि तथ्यों को गलत तरीके से तोड़ मरोड कर मेरी याचिका को आधारहीन बनाने की कोशिश की जा रही है.

केजरीवाल के वकील के सवाल के जवाब में एएसजी ने कहा कि अगर रिमांड पारित हो जाता है और इससे किसी को कोई समस्या नहीं है तो फिर आदेश को चुनौति कैसे दी जा सकती है ?

अरविंद केजरीवाल के वकील  के तर्क

अदालत में केजरीवाल के वकील ने कहा कि आम आदमी पार्टी के संयोजक को अपनी पार्टी का प्रचार प्रसार करने से रोकने के लिए गिरफ्तार किया गया . अपने तर्क के संबंध में आठ बिन्दु गिनाये..

केजरीवाल के वकील सिंहवी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को चुनावा प्रक्रिया से दूर रखने के लिए उनके खिलाफ साजिश रची गई है. ईडी ने केजरीवाल को गिऱफ्तार करने से पहले PLMA के तहत सेक्शन 50 की शर्तों को पूरा नहीं किया औऱ ना ही अब तक कोई मनी ट्रेल साबित हुआ है. केवल सरकारी गवाह के गवाही के आधार पर गिरफ्तार दिया गया है, जबकि गिरफ्तारी के लिए सरकारी गवाहों के बयान मायने नहीं रखते हैं.

अभिषेक मनु सिंहवी ने कहा कि केजरावाल को समन दिया गया था वो भी गैर कानूनी था और अब हम उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दे रहे हैं. टाइमिंग देखिए. सीबीआई और ईडी के मामले अगस्त 2022 के हैं.

सिंहवी ने कहा कि लेवल प्लेइंग फील्ड होना चाहिये, PLMA के तहत अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ बिना किसी बयान को दर्ज किये इस केस में गिरफ्तारी कर ली गई. सिंहवी ने PMLA के सेक्शन 15 और 19 का हवाला देते हुए कहा कि ये गिरफ्तारी नियमों पर खरी नहीं उतरती.

सिंहवी ने कहा कि पहले समन और उनकी गिरफ्तारी के बीच लंबा समय था, लेकिन इस बीच कोई बयान दर्ज नहीं हुआ. आखिर इस मामले में गिरफ्तारी की इतनी जल्दी क्यो है ?

सिंहवी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के खिलाफ इडी के पास ना तो कई सबूत है और ना ही आप केजरीवाल को दोषी मान रहे हैं. इसलिए इडी के पास केजरीवाल की गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं है

अभिषेक मनु सिंहवी ने अपने तर्कों के बढ़ाते हुए कहा कि जब ईडी ने केजरीवाल को गिऱफ्तार किया तो उनका बयान लिया जाना चाहिये था लेकिन ऐसा नहीं किया गया. केजरीवाल की तऱफ से उनके वकील सिंह ने कहा कि ईडी का ये कहना गलत है कि मैंने समन का पालन नहीं किया.

सिंहवी ने कहा कि ईडी ये भी साबित नहीं कर पाई है कि मेरे मुवक्कील की गिरफ्तारी किस लिए की गई है. गिरफ्तारी के का उद्देश्य केवल मेरे मुक्किल को अपमानित करना था.

सिंहवी ने कहा कि क्या अरविंद केजरीवाल के भागने की आशंका थी?

क्या पिछले डेढ़ साल मे उन्होंने किसी गवाह को प्रभावित किया ?

क्या उन्होने पूछताछ में शामिल होने से इंकार किया ?

अरविंद केजरीवाल ने इडी के हर समन के विस्तारपूर्व जवाब दिया है .सिंहवी ने अपनी दलील मे ये भी कहा कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में केस दर्ज होने के डेढ़ साल बाद केजरीवाल की भूमिका की जांच के लिए ईडी को उनकी कस्टडी चाहिये लेकिन ये गिऱफ्तारी का आधार कैसे हो सकता है. ईडी ने ये भी दलील दी है कि मैंने इडी की कस्टडी में जाने का विरोध नहीं किया इसलिए गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका निष्प्रभावी है. इडी की ये दलील कानून की समझ से भी परे हैं.

ईडी ने हाइकोर्ट में केजरीवाल की जमानत का किया था विरोध

एक दिन पहले ईडी की ओर से दलील देते हुए कहा अरविंद केजरीवाल को इस पूरे मामले का साजिशकर्ता करार दिया गया था. प्रवर्तन निदेशालय ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल ने खुद हवाला लेन देन नहीं किया लेकिन इसकी पूरी जानकारी उनके पास थी. दिल्ली सीएम कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए दिल्ली आबकारी नीति तैयार करने की साजिश मे शामिल थे और उन्हें पॉलिसी का लाभ देने के बदले शराब व्यापारियों से रिश्वत लेने मे भी शामिल थे.

फिलाहल दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है , और फैसला सुरक्षित रख लिया गया है.

 

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