महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पति प्रिंस फिलिप का साल 2021 में निधन हुआ। इसके अलावा साल 2016 में 'हैरी पॉटर' फिल्म के स्टार एलन रिकमैन और हॉलीवुड के एक्शन हीरो पैट्रिक स्वेज का 2009 की साल 2009 में मौत हो गई। इन सेलिब्रिटीज की मौत पैंक्रियाटिक कैंसर की वजह से हुई। सेलिब्रिटीज से लेकर आम आदमी तक ये जानलेवा कैंसर काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि पैंक्रियाटिक कैंसर एक बेहद जानलेवा बीमारी है, जिससे दुनियाभर में हर साल 5 लाख से ज्यादा मौतें होती हैं। यह कैंसर से होने वाली मौतों के मुख्य कारणों में से एक है। चिंताजनक बात ये भी है कि किसी में इस कैंसर का पता चलने के बाद उसमें जीवित रहने की दर बहुत कम होती है, यही वजह है कि इस कैंसर से मौतों की संख्या लगभग, इसके केस की संख्या के बराबर ही होती है। अमेरिका में यह कैंसर से होने वाली मौतों का तीसरा सबसे बड़ा कारण है।
डॉक्टर अक्सर इसे सबसे बेरहम बीमारियों में से एक बताते हैं। इसका पता लगाना मुश्किल होता है, यह तेजी से बढ़ती है और बड़ी संख्या में इसके कारण लोगों की जान चली जाती है। अब सवाल ये है कि पैंक्रियाटिक कैंसर होता क्यों है और कहीं आप भी इसका शिकार न हो जाएं?
पैंक्रियाटिक कैंसर का बढ़ता जोखिम
वैश्विक स्तर पर इस कैंसर के बढ़ते मामलों की वजह क्या है, इसे लेकर लगातार शोध किए जा रहे हैं। इस बारे में पैंक्रियाटिक कैंसर के कंसल्टेंट सर्जन डॉ नेविल मेनेजेस कहते विस्तार से जानकारी साझा की है। डॉ नेविल मेनेजेस कहते हैं, जब मैंने मेडिकल पेशे में काम शुरू किया था, तब से अब तक पैंक्रियाटिक कैंसर का पता चलने के बाद से इससे जीवित रहने की दर में थोड़ा सुधार जरूर हुआ है।
- हालांकि 10 प्रतिशत से भी कम मरीज सर्जरी से भी ठीक नहीं हो पाते हैं, क्योंकि इस बीमारी का पता बहुत देर से चलता है।
- इसके जोखिम कारकों को समझना और जिन कारकों को हम बदल सकते हैं, उसमें सुधार किया जाना जरूरी है।

