चंडीगढ़: हरियाणा राज्य में इस समय खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई का जोरशोर से काम चल रहा है, लेकिन चालू सीजन में सामान्य से कम बारिश होने की वजह से नहरों में पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई थी, हालांकि पिछले दो दिनों के दौरान हुई अच्छी बारिश से हालात में कुछ सुधार दर्ज किया गया है।
भाखड़ा डैम का जलस्तर पिछले चौबीस घंटों में बढ़ा
प्रदेशभर में पेयजल आपूर्ति और सिंचाई की जरूरतों को सुचारू रखने के लिए भाखड़ा बांध का जलस्तर 1680 फीट के आसपास होना जरूरी माना जाता है, जिसके तहत पिछले 24 घंटों में डैम का जलस्तर 1.595.74 फीट से बढ़कर 1597.20 फीट पर पहुंच गया है और फिलहाल राज्य को सिंचाई के लिए करीब 8208 क्यूसेक पानी मिल रहा है।
हथिनीकुंड बैराज पर यमुना के जलस्तर में उतार-चढ़ाव
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी के प्रवाह में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जहां मंगलवार को पानी का प्रवाह बढ़कर 30 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था, जो बुधवार दोपहर तक घटकर करीब 23 हजार क्यूसेक रह गया, जबकि सामान्य दिनों में इस मौसम में प्रवाह 40 से 50 हजार क्यूसेक तक रहता है।
सिंचाई विभाग ने पानी की कमी से किया इनकार
हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पहाड़ी राज्यों में होने वाली वर्षा के कारण जलस्तर में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, तथा कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की फसल के लिए आगामी 20 सितंबर तक नियमित सिंचाई की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

