हरियाणा। नूंह जिले के गांव मुंडाका में मंगलवार शाम मामुली विवाद पर दो समुदायों के बीच झगड़ा हो गया। जिसमें दोनों ओर से लाठी-डंडे चले और दोनों पक्ष के लगभग 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से कई को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के पीछे वाहन खड़ा करने को लेकर युवकों के बीच झगड़ा बताया जा रहा है। जो बाद में दो समुदायों के बीच बड़े विवाद का रूप ले लिया । पुलिस ने बताया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। गुस्साई भीड़ ने मौके पर खड़ी बाइक व दो खोकों को आग के हवाले कर दिया। धूं-धूं कर जलते वाहनों ने क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह झड़प हरियाणा के मुंडाका गांव और इसी गांव की सीमा से सटे राजस्थान के हाजीपुर गांव के लोगों के बीच हुई। सूचना मिलते ही फिरोजपुर झिरका थाना पुलिस के साथ-साथ नूंह जिले के अन्य थानों से भी पुलिस बल मौके पर भेजा गया। पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे और दोनों समुदायों के लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोका गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है।
समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में तनाव बरकरार था और एहतियात के तौर पर पुलिस गांव में गश्त कर रही है। एक पक्ष की तरफ से चुन्नीलाल, गोपाल ,लेखराज, वीर सिंह, फूलचंद, हंसराज व दूसरे पक्ष के खुर्शीद, फरहान, शाहबाज घायल हुए। इन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया । खबरें लिखे जाने तक गांव में शांतिपूर्वक स्थिति बरकरार है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं । इसी साल मार्च में भी बवाल हुआ था। ईद की नवाज के बाद पुरानी रंजिश को लेकर हरियाणा के नूंह स्थित तिरवाड़ा गांव में दो गुट आपस में भिड़ गए। इस भिड़ंत में करीब एक दर्जन से अधिक घायल हैं। घायलों को पुनहाना के सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना सुबह 9 बजे की है। राशिद और साजिद नामक व्यक्तियों के समूहों के बीच पुरानी रंजिश के चलते यह विवाद हुआ है। हिंसा की शुरुआत तब हुई जब ईदगाह से नमाज अदा करने के बाद घर लौट रहे एक समूह के लोगों का दूसरे पक्ष के कुछ लोगों से झगड़ा हो गया। इसके बाद दोनों समूहों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद हिंसा रुक गई और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। वही 2023 के इसी महीने यानि अगस्त में नूंह में हिंसा के बाद जिले में कर्फ्यू लगा दिया गया है. जिले में अर्धसैनिक बलों की 13 कंपनियां तैनात कर दी गई है. इसके अलावा 6 कंपनियां और भी तैनात की जाएगी।
इस बीच खबर है कि हरियाणा सरकार ने केंद्र से रैपिड एक्शन फोर्स की 20 कंपनियां मांगी हैं. वहीं मंलगवार की सुबह नूंह में माहौल तनावपूर्ण रहा. इस बीच शहर पूरी तरह से थमा नजर आया. बडकली चौक, पिनगवां, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका और तावडू में बाजार बंद रहे.तब नूंह में हिंदू संगठनों ने ब्रजमंडल यात्रा निकाली थी. इस दौरान दो गुटों में टकराव हुआ. इस दौरान 40 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. एक दूसरे पर पथराव हुआ और फायरिंग की घटनाएं भी सामने आई. उपद्रवियों ने वाहनों में तोड़फोड़ भी की.इस हिंसा में दो होमगार्ड की मौत की खबर है. 15 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. कुछ उपद्रवियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है. फिलहाल नूंह में अतिरिक्त पुलिस बल पहुंच चुका है. रैपिड एक्शन फोर्स के जवान शहर में लगातार गश्त कर रहे हैं. हरियाणा पुलिस के जवान भी पूरी तरह से अलर्ट हैं. तकरीबन 1800 से 2000 जवान हालात पर काबू पाने के लिए जुटे हैं. गुरुग्राम अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग से जली हुई गाड़ियों को जिला प्रशासन ने हटवा दिया है.