अंबाला में धरना खत्म करने की तैयारी थी, अचानक लाठीचार्ज से बिगड़ा माहौल

अंबाला: हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर गंभीर धोखा देने और सिख संगत को गुमराह करने का बड़ा आरोप लगाया है। एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए झींडा ने गुरुवार रात को हुई घटना का पूरा ब्योरा साझा किया और कहा कि जब दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझने की कगार पर था, ठीक उसी समय पुलिस ने अत्यधिक बर्बरता का परिचय दिया।

'मुख्यमंत्री आवास से आया था फोन, मिला था कार्रवाई का आश्वासन'

प्रेसवार्ता में अपनी बात रखते हुए जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि गुरुवार रात करीब 8:13 बजे उनकी पुलिस के उच्चाधिकारियों के साथ लगातार बातचीत चल रही थी। इसी दौरान उनके पास सीधे मुख्यमंत्री आवास से भी फोन आया, जहां से उन्हें इस संवेदनशील मामले में उचित और सकारात्मक कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया गया था। झींडा ने दावा किया कि हम प्रशासन के इस आश्वासन से पूरी तरह संतुष्ट थे और मौके पर चल रहे धरने को समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा करने ही वाले थे। लेकिन, ठीक उसी वक्त पुलिस प्रशासन ने अचानक बिना किसी पूर्व चेतावनी के प्रदर्शनकारी संगत पर वाटर कैनन (पानी की बौछारें) चला दी और आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर उनके साथ बहुत बड़ा धोखा किया गया है।

बैरिकेडिंग तोड़कर जीटी रोड पर किया गया था चक्का जाम

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को सिख समाज के आक्रोशित लोगों ने पंजोखरा साहिब से आगे बढ़ते हुए पुलिस द्वारा लगाई गई सुरक्षा की चारों बैरिकेडिंग को तोड़ डाला था। इसके बाद तमाम प्रदर्शनकारी उग्र रूप में आगे बढ़ते हुए जग्गी सिटी सेंटर के ठीक सामने मुख्य जीटी रोड पर जा पहुंचे और वहां बैठकर यातायात को पूरी तरह से ठप कर दिया। बिगड़ती हुई कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी और तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद जब भीड़ जीटी रोड खाली करने को तैयार नहीं हुई, तो रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए लाठीचार्ज कर दिया और उग्र भीड़ को दौड़ा-दौड़ा कर खदेड़ दिया।

हिंसक झड़प और पथराव में डीएसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल

इस पूरी पुलिस कार्रवाई के दौरान माहौल और अधिक तनावपूर्ण और उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस बल पर जमकर पथराव किया गया। प्रशासन की तरफ से यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान धारदार हथियारों का इस्तेमाल भी किया, जिसके परिणामस्वरूप एक डीएसपी (DSP) समेत कई अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सुरक्षा और शांति बनाए रखने के मद्देनजर फिलहाल पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है।

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