बहादुरगढ़ (हरियाणा)। बहादुरगढ़ के रोहद क्षेत्र के समीप से गुजरने वाली एनसीआर नहर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक अत्यंत दर्दनाक हादसा घटित हुआ, जिसमें तीन युवक गहरे पानी के तेज बहाव में समा गए। इस हृदयविदारक घटना का एक भयावह वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं, किंतु अत्यधिक गहराई और तेज बहाव के कारण वे कुछ ही पलों में ओझल हो गए। अब तक इस दुर्घटना में दो युवकों—मध्य प्रदेश के रहने वाले अजय (24 वर्ष) तथा बिहार के निवासी नीतीश (21 वर्ष)—के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी तीसरे युवक शिवकांत (21 वर्ष) की तलाश के लिए गोताखोरों तथा राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों द्वारा सघन खोज अभियान चलाया जा रहा है।
साथी को बचाने की कोशिश में गहरे पानी में डूबे तीनों युवक
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, शुक्रवार की शाम लगभग 16 से 17 लोगों का एक समूह पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए एनसीआर नहर के तट पर पहुंचा था। शाम करीब 6:20 बजे अजय प्रतिमा को लेकर विसर्जित करने हेतु नहर में उतरा, परंतु अचानक पैर फिसलने और पानी की गहराई अत्यधिक होने के कारण वह डूबने लगा। पानी में अजय को छटपटाता देखकर किनारे पर खड़े उसके दो अन्य सहकर्मी—नीतीश और शिवकांत—बिना किसी विलंब के उसे बचाने के लिए नहर में कूद पड़े। दुर्भाग्यवश, नहर में पानी का बहाव इतना तीव्र था कि तीनों ही जल प्रवाह और भंवर की चपेट में आ गए तथा देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गए।
तत्काल राहत कार्य और रेस्क्यू ऑपरेशन
इस भयंकर हादसे के घटित होते ही मौके पर कोहराम मच गया और चीख-पुकार के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। साथ आए अन्य साथियों ने तुरंत शोर मचाकर आसपास के राहगीरों को एकत्रित किया और पुलिस को आपातकालीन सूचना दी। थाना आसौदा की पुलिस टीम तथा स्थानीय गोताखोरों ने त्वरित रूप से मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अजय का शव पानी से बाहर निकाला गया, जबकि लगभग साढ़े तीन घंटे की खोज के पश्चात नीतीश का शव भी बरामद कर लिया गया। तेज जल प्रवाह तथा रात्रि के अंधकार के कारण राहत कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद बचाव कार्य को और गति देने के लिए एसडीआरएफ की टीम को भी मैदान में उतारा गया।
एक ही चॉकलेट फैक्ट्री में कार्यरत थे तीनों युवक
दुर्घटना का शिकार हुए ये तीनों युवक रोहद क्षेत्र में स्थित 'टेक फूड प्रोडक्ट' नामक चॉकलेट निर्माण फैक्ट्री में नौकरी करते थे और अपनी आजीविका कमाने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में निवास कर रहे थे। इस अनहोनी की खबर मिलते ही फैक्टरी के अन्य सहकर्मी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण नहर के दोनों किनारों पर एकत्र हो गए।
प्रत्यक्षदर्शी द्वारा बयां किया गया आंखों देखा हाल
गांव बरहाना के निवासी एवं घटना के प्रत्यक्षदर्शी युजविन्द्र अहलावत ने घटना की भयावहता बताते हुए कहा कि वे शाम के समय बहादुरगढ़ स्थित अपने कार्यालय से लौट रहे थे और एनसीआर नहर के पास खड़े होकर विसर्जन का एक वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। उसी दौरान उनकी दृष्टि विसर्जन कर रहे युवकों पर पड़ी। देखते ही देखते युवक गहरे पानी की तरफ जाने लगे और डूबने लगे। वहां मौजूद कुछ लोगों ने एक अन्य युवक को तो किसी प्रकार खींचकर सुरक्षित बचा लिया, परंतु ये तीनों साथी पानी में समा गए और यह संपूर्ण दुर्भाग्यपूर्ण वाकया उनके मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।
पुलिस प्रशासन का बयान और तलाश जारी
थाना आसौदा के प्रभारी (एसएचओ) जयभगवान ने जानकारी दी कि बरामद किए गए दोनों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम हेतु बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में भिजवा दिया गया है। लापता तीसरे युवक शिवकांत की खोजबीन के लिए नहर में दूर-दूर तक व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।

